नयी दिल्ली। कोरोनवायरस और इसके बाद कारोबारी गतिविधियों से पहले से ही बीमार भारतीय अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ा। अर्थशास्त्री भी चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी में गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं। इसी कारण आरबीआई ने रेपो दरों ठीक-ठाक कमी की है। इसके नतीजे में देश के बैंकों ने लोन दरें तो कम की, मगर साथ ही एफडी और बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दरें भी घटा दी। इनके आने वाले महीनों में भी कम रहने की संभावना है। एफडी पर कम ब्याज दर और इक्विटी निवेश में शामिल के चलते निवेशक हाई रिटर्न पाने के लिए नए ऑप्शन तलाश रहे हैं। अगर आप भी ऐसे ही निवेशकों में शामिल हैं तो यहां हम आपको ऐसे 6 बेस्ट निवेश ऑप्शंस के बारे में बताने जा रहे हैं।
फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान
ये क्लोज एंडेड और समयबद्ध म्यूचुअल फंड स्कीम हैं। आपका पैसा फिक्स्ड इनकम पेपर्स और बॉन्ड्स में इस तरह लगाया जाएगा कि उनकी मैच्योरिटी स्कीम की अवधि के साथ मैच हो जाए। स्कीम के आधार पर योजना की अवधि कुछ महीनों से कुछ वर्ष तक रहेगी। फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह इस विकल्प में भी आपको मौजूदा रेट पर रिटर्न मिलता रहता है। यानी भविष्य में दरों में गिरावट से नुकसान नहीं होता।
अल्ट्रा शॉर्ट टर्म
शॉर्ट और मीडियम टर्म अवधि वाले भी म्यूचुअल फंड होते हैं जिनमें 6 महीने से 2 साल तक के लिए निवेश किया जा सकता है। ये उन लोगों के लिए बेहतर हैं जो थोड़ा अधिक ब्याज हासिल करने के साथ ही लिक्विडिटी बनाए रखना चाहते हैं।
सरकारी बॉन्ड
आम तौर पर सरकारी प्रतिभूतियों पर रिटर्न बैंक जमाओं से कम होती है, मगर उन पर यील्ड (वार्षिक रिटर्न या ब्याज) अभी फिक्स्ड डिपॉजिट के बराबर है। आप इनमें म्यूचुअल फंड, ईटीएफ या सीधे भी निवेश कर सकते हैं। भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश करने पर भी विचार कर सकते हैं, जिसे सरकार की ओर से एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मैनेज किया जाता है। भारत बॉन्ड ईटीएफ में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों जैसे पावर फाइनेंस कॉर्प, आरईसी लिमिटेड, आदि के एएए रेटेड डेब्ट पेपर्स में विशेष रूप से निवेश होता है।
डेब्ट म्यूचुअल फंड
ये इक्विटी निवेश की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं क्योंकि यहां पैसे को कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे हाई रेटिंग वाली निश्चित इनकम सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है। ये काफी लिक्विड (पैसा निकालना आसान) हैं और बैंक एफडी की तुलना में बेहतर रिटर्न देते हैं।
कॉर्पोरेट एफडी
फाइनेंशियल और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां कमर्शियल बैंक की तुलना में अधिक ब्याज दरों की पेशकश करती हैं। इन जमाओं की अवधि कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक हो सकती है। वैसे ध्यान रहे कि जब आप किसी कंपनी की एफडी चुनें तो उसकी क्रेडिट रेटिंग, कंपनी की पृष्ठभूमि और पेमेंट हिस्ट्री (यह पहले ब्याज या मूल भुगतान पर डिफ़ॉल्ट है या नहीं) की जांच करें।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स
कोरोना संकट के बीच इस साल सोना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला एसेट रहा है। असल में संकट के समय सोना सुरक्षित ऑप्शन बन कर सामने आता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम पर सरकारी सुरक्षा रहती है। यह कागजों में सोने में निवेश करने का सुविधाजनक तरीका है। इसके तहत जब आप इस योजना के माध्यम से सोने को एक निश्चित वजन में रखते हैं, तो आप बांड के रूप में उतने ही मूल्य के मालिक होंगे।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

आज का Financial Raashifal: 02 अप्रैल, 2026 - सूक्ष्म बाज़ार संकेतों से व्यावहारिक अवसर खोजें।

आज का Financial Raashifal: 01 अप्रैल, 2026 - व्यावहारिक कदमों से बाज़ार के संकेतों को समझें



Click it and Unblock the Notifications