SIP Investment Tips: जब निवेश की बात आती है, तो पूंजी के साथ-साथ हमारे सभी प्रयास लॉन्ग टर्म वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं। एसआईपी में निवेश आज के समय में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली इंवेस्टमेंट स्ट्रैटजी है। अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप 7-5-3-1 रूल की मदद से मालामाल बन सकते हैं।

एसआईपी में निवेश से जुड़ी सामने आई ये बात (SIP Investment Planning)
महत्वपूर्ण बात यह है कि जियोजित की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 में ग्रॉस एसआईपी इनफ्लो 23,547 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है जो तीन महीने के ऐवरेज से 7.8 प्रतिशत अधिक है। ऐवरेज एसआईपी साइज 2450 प्रति एसआईपी होने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 7.9 प्रतिशत अधिक है।
क्या है 7-5-3-1 एसआईपी में निवेश का रूल? (SIP Investment Rule In Hindi)
SIP बड़े वित्तीय लक्ष्यों को आसानी से और सुविधाजनक तरीके से पूरा करने में मदद करता है, इसलिए निवेशक इस 7-5-3-1 नियम को ध्यान में रखते हुए अपना SIP निवेश भी कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में SIP निवेश के माध्यम से वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त है।
इस नियम के बारे में निवेशक को पता होनी चाहिए ये चीजें (How to invest In SIP)
7-5-3-1 एसआईपी रूल का मतलब है 7 साल, 5 कैटेगरी, 3 फेज और टॉप अप की 1 फ्रीक्वेंसी।
7 साल- इक्विटी निवेश लंबी अवधि में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, और 7 साल का न्यूनतम निवेश बेहतर कंपाउंडिंग का फायदा भी देता है। 7 से ज्यादा की समय सीमा कई मार्केट साइकल और अस्थिरता को नेविगेट करने की अनुमति देती है, जिससे बढ़िया रिटर्न उत्पन्न करने की क्षमता में काफी वृद्धि होती है।
फंड की 5 कैटेगरी- कई स्कीम कैटेगरी में विविधता लाने से केवल एक ही स्कीम/श्रेणी पर टिके रहने से होने वाले कंसंट्रेशन रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है।
5 रणनीति को अपनाना यानी निवेश को विभिन्न कैटेगरी में फैलाना, केवल एक कैटेगरी में निवेश को केंद्रित करने की तुलना में संभावित रूप से बेहतर काम करता।
3 फेज एसआईपी निवेशकों में धैर्य और परिश्रम पैदा करता है। यह निवेशकों को बाजार की अस्थिरता से निपटने के लिए आवश्यक धैर्य देता है।
1 टॉप-अप की फ्रीक्वेंसी- एसआईपी की राशि बढ़ाने से बढ़ती महंगाई से लड़ने में मदद मिलती है। छोटी राशि में वृद्धि भी लंबे समय में एक बड़ा अंतर लाएगी और कॉर्पस में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी ताकि वित्तीय लक्ष्य उचित समय अवधि के भीतर हासिल किया जा सके।
इस रूल का उपयोग निवेश स्ट्रैटजी के विकास में कर सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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