1991 में शुरू किए गए आर्थिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण बिन्दु सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सुधार करना था। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए, पॉलिसी में मुख्य बदलाव विनिवेश की शुरुआत था। इसमें शेयर की अधिक मात्रा या 51% हिस्सेदारी रखकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के शेयर्स का विनिवेश सरकार के साथ किया जाता है। विनिवेश के द्वारा शेयर बेचने से प्राप्त इस आय को एक विशेष फंड में रखा जाता है जिसे नेशनल इनवेस्टमेंट फंड (NIF) कहा जाता है।
समाजिक क्षेत्रों को प्रदान की जाती है वित्तीय सहायता
एनआईएफ की राशि सरकार द्वारा खास उद्देश्य के लिए इस्तेमाल की जाती है। एनआईएफ की शुरुआत से ही कई बार सरकार द्वारा विनिवेश द्वारा प्राप्त आय को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को पूंजी प्रदान करने में किया जाता है। लेकिन 2008 से 2013 के बीच, इन फंडस की अधिकतर मात्रा (लगभग 75%) का इस्तेमाल सामाजिक क्षेत्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए किया गया क्योंकि इस समय आर्थिक मंदी के कारण टैक्स से प्राप्त आय इस क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त नहीं थी।
एनआईएफ की स्थापना
नवंबर 2005 में सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज के विनिवेश को बढ़ावा देने के लिए नेशनल इनवेस्टमेंट फंड (NIF) की स्थापना की गई। एनआईएफ की पूंजी स्थायी है और एनआईएफ ने इसके मूल्य को कम किए बिना सरकार को अच्छा रिटर्न प्रदान किया है।
चुनिन्दा सार्वजनिक क्षेत्र के म्युचुअल फंड, जैसे यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और LIC म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड आदि एनआईएफ की पूंजी का प्रबंधन बनाए रखने की ज़िम्मेदारी निभाते हैं।
NIF से हुई आय का इस्तेमाल
विनिवेश से प्राप्त आय को बजट में 'अन्य प्राप्तियों' में रखा जाता है। ये प्राप्तियां और लेन-देन NIF का हिस्सा हैं। पहले खास तौर पर 2008 के मुश्किल दौर में एनआईएफ की 75% राशि को सामाजिक क्षेत्र में लगाया गया और बाकी की राशि को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लगाया गया। लेकिन 2013-14 से एनआईएफ की प्राप्तियों के इस्तेमाल में बदलाव हुआ है। अब एनआईएफ का अधिकतर हिस्सा इस उद्देश्य में काम में लिया जाता है-
शेयरों की सदस्यता लेना
पीएसबी और सार्वजनिक क्षेत्र बीमा कंपनियों सहित सीपीएसई द्वारा जारी किए गए शेयरों की सदस्यता लेना (सबस्क्राइब करना) ताकि इन सीपीएसई / पीएसबी / बीमा कंपनियों में सरकार की 51% भागीदारी बनी रहे। सीपीएसई के शेयरों का इच्छानुसार आवंटन ताकि जब सीपीएसई नई इक्विटी बढ़ाए तो सरकार की इनमें भागीदारी 51% से कम ना हो।
पूंजी लागत के साथ भारतीय रेलवे में निवेश करना
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को फिर से पूंजी प्रदान करना। सरकार द्वारा आरआरबी / आईआईएफसीएल / नाबार्ड / एक्जिम बैंक में निवेश; मेट्रो प्रोजेक्ट्स में पूंजी निवेश; भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड और यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में निवेश। पूंजी लागत के साथ भारतीय रेलवे में निवेश।
NIF में क्रेडिट राशि
वित्तीय वर्ष 2013-14 से, विनिवेश से हुई आमदनी को पहले से मौजूद एनआईएफ में क्रेडिट किया जाता है जो कि सरकारी अकाउंट में एक 'पब्लिक अकाउंट' है। यह राशि यहां तब तक रहती है जब तक कि किसी खास उद्देश्य से इसकी निकासी/निवेश ना किया गया हो।
2015-16 में 29,432.48 करोड़ रुपए भारतीय रेलवे के खर्चों को पूरा करने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को पूंजी प्रदान करने के लिए पिछले साल एनआईएफ़ के द्वारा इस्तेमाल किए गए।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 6 अप्रैल को सोने की कीमतों में फिर आई जबरदस्त गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

आज का Financial Raashifal: 02 अप्रैल, 2026 - सूक्ष्म बाज़ार संकेतों से व्यावहारिक अवसर खोजें।



Click it and Unblock the Notifications