नई दिल्ली। देश में आमतौर पर कहा जाता है कि गोल्ड एक डेड इन्वेस्टमेंट है। लेकिन यह बात सही नहीं है। अगर सही तरीके से गोल्ड में निवेश किया जाए तो यह बिना बेचे ही कमाई भी करा सकता है। यह तरीका काफी आसान है और अगर इस खरीदारी का ऑनलाइन पेमेंट किया जाए तो यह सस्ता भी पड़ता है। मोदी सरकार बनने के बाद से यह स्कीम शुरू हुई है और हजारों लोग इसका फायदा उठा चुक हैं। इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा लॉग टर्म कैपिटल गैन टैक्स से छूट का है, जो आपकी इनकम टैक्स की देनदारी कम कर सकता है।

गोल्ड खरीदने में पड़ेगी इन दस्तावेजों की जरूरत
अगर आप इस स्कीम में गोल्ड खरीदना चाहते हैं तो आपके पास कुछ दस्तावेज होने चाहिए। क्योंकि इनके बिना इस स्कीम में गोल्ड की खरीदारी नहीं हो सकता है। इन दस्तावेजों में मतदाता कार्ड, आधार कार्ड/पैन या टैन/पासपोर्ट जरूरी होंगे। बिना पैन कार्ड के लोग इस स्कीम के तहत सोना नहीं खरीद सकते हैं। सरकार यह दस्तावेज इस लिए चाहती है कि इस स्कीम में गोल्ड की खरीदारी में कालेधन का इस्तेमाल न हो सके।
सॉवरेन गोल्ड बांड है स्कीम का नाम
मोदी सरकार ने लोगों की गोल्ड फिजिकल गोल्ड की बढ़ती मांग को कम करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम की शुरूआत की थी। इस स्कीम के तहत लोग चाहे जितना गोल्ड खरीद सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बांड चुनिंदा बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अलावा तय डाकघरों से लिए जा सकते हैं। अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है तो आप मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) से सीधे भी यह बांड खरीद सकते हैं।
कौन खरीद सकता है सॉवरेन गोल्ड बांड
सॉवरेन गोल्ड बांड में देश के आमलोगों के अलावा हिंदू अविभाजित परिवार, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय, चैरिटेबल संस्थाएं निवेश कर सकती हैं। इस स्कीम में निवेश के बाद सरकार एक सार्टिफिकेट करती है। वहीं अगर यह गोल्ड डीमैट में खरीदा गया है तो इलेक्ट्रानिक रूप में इसे जारी किया जाता है।
कितने समय के लिए जा सकते हैं सॉवरेन गोल्ड बांड
सॉवरेन गोल्ड बांड में 8 साल के लिए निवेश किया जाता है। लेकिन अगर सॉवरेन गोल्ड बांड खरीदने वाले को 5वें साल पैसों की जरूरत पड़े तो वह इसे बेच सकता है। इन सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश एक निश्चित तरीख को करना होता है। इन तारीखों की घोषणा सरकार की तरफ से समय-समय पर की जाती है। इस साल में सितंबर तक निवेश का 3 बार मौका मिलेगा।
कितने सॉवरेन गोल्ड बांड खरीद सकते हैं लोग
सॉवरेन गोल्ड बांड में न्यूनतम 1 ग्राम निवेश करना जरूरी है, लेकिन अधिकतम निवेश की सीमा सामान्य लोगों के लिए 4 किलोग्राम तक है। हर सॉवरेन गोल्ड बांड 1 ग्राम के बराबर का होता है। अगर सॉवरेन गोल्ड बांड में ट्रस्ट और अन्य संस्थान निवेश कर रही हैं तो इसमें यह अधिकतम 20 किलोग्राम के बांड खरीद सकती हैं।
सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश की लागत
सॉवरेन गोल्ड बांड की कीमत भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत के आधार पर बॉन्ड की कीमत तय की जा जाती है। लेकिन अगर कोई निवेशक इसका मूल्य ऑनलाइन देता है तो उसे तो उसे सॉवरेन गोल्ड बांड की तय कीमत में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जाती है। अगर कोई ऑनलाइन पेमेंट नहीं करना चाहता है तो उसे नकद, डिमांड ड्राफ्ट, चेक या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान की अनुमति होती है।
सॉवरेन गोल्ड बांड में मिलता है ब्याज
जो लोग सॉवरेन गोल्ड बांड खरीदते हैं उन्हें सरकार की तरफ से हर साल 2.50 फीसदी ब्याज दिया जाता है। बाजार में सोने की कीमत ऊपर जाए या नीचे आपको सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश करने के बाद यह 2.5 फीसदी ब्याज रह साल मिलता रहेगा।
जानिए सॉवरेन गोल्ड बांड पर लागू टैक्स के नियम
सॉवरेन गोल्ड बांड पर हर साल मिलने वाले ब्याज पर आपकी आय के किसाब से इनकम टैक्स लगेगा। लेकिन जब आप यह सॉवरेन गोल्ड बांड बेचेंगे तो इससे होने वाले पूंजीगत लाभ कर से छूट के हकदार होंगे।


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