नयी दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने कोरोनावायरस या COVID-19 को महामारी घोषित कर दिया है। ये वायरस दुनिया के सभी कोनों में फैल गया है और लगभग 2 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 8,500 के करीब अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं भारत में अब तक करीब 150 लोग कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं, जबकि तीन लोग मर चुके हैं। अब यहां एक सवाल खड़ा होता है कि क्या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी कोरोनावायरस से होने वाली मौत को कवर करती है या नहीं। इसके अलावा यदि कोई इस वायरस की चपेट में आ जाये तो क्या वे लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ले पायेगा? आइये जानते हैं इन सवालों के जवाब।
मौजूदा जीवन बीमा पॉलिसीधारक
सबसे पहली बात तो यदि कोरोनवायरस से किसी व्यक्ति की मौत हो जाये तो तो पॉलिसीधारक के नामित व्यक्ति को डेथ बेनेफिट के रूप में बीमा राशि मिलेगी। यदि मृत व्यक्ति के पास जीवन बीमा पॉलिसी थी, तो उसके लाभार्थी नामित व्यक्ति को पता होना चाहिए कि स्वास्थ्य संबंधित किसी बीमारी के कारण होने वाली मृत्यु आम तौर पर एक जीवन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत आती है, जिसमें टर्म इंश्योरेंस भी शामिल है।
इसका मतलब यह है कि अगर बीमा पॉलिसीधारक की मौत हो जाये तो नामित व्यक्ति या लाभार्थी नामित व्यक्ति को एक वैध जीवन बीमा क्लेम करने के बाद भुगतान किया जाता है। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार बीमा जानकार बताते हैं कि यदि आप महामारी भी मर जायें तो भी आपके लाभार्थी को डेथ बेनेफिट मिलेगा।
यदि आप अगर अब कोई पॉलिसी लें तो
यदि आप इस समय जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि बीमाकर्ता आपके स्वास्थ्य और मेडिकल इतिहास के आधार पर पॉलिसी के प्रीमियम तय करते हैं। इसलिए कोरोनवायरस जैसे किसी वैश्विक स्वास्थ्य संकट का आपकी पॉलिसी के प्रीमियम पर जरूर ही कुछ प्रभाव पड़ेगा। जानकार बताते हैं कि यदि कोई जीवन बीमा पॉलिसी के लिए आवेदन प्रोसेस में है, तो बीमा कंपनी उस व्यक्ति की पॉलिसी को रोक सकता है या अस्वीकार कर सकता है, जो कोरोना की चपेट में आ गया हो।
यदि आप सभी जानकारी सही दें और आपको पॉलिसी लेते समय कोरोना न हो तो आपको डेथ बेनेफिट मिलेगा ही चाहे आपको पॉलिसी लेने के बाद कोरोना हो जाये। मगर आपको अपनी पॉलिसी की शर्तें जाननी चाहिए कि उसमें से कौन सी वे बीमारियां छोड़ दी गयी हैं, जिनसे मौत होने पर आपको डेथ बेनेफिट नहीं मिलेगा।
यदि जीवन बीमा कंपनी कोरोना को गंभीर बीमारी माने
आमतौर पर जीवन बीमा पॉलिसी के तहत किसी भी बीमारी के कारण होने वाली मौत के लिए भुगतान किया जाता है। मगर आपको जीवन बीमा पॉलिसी में ऐड-ऑन की शर्तों पर विचार करना चाहिए। यहां ऐड-ऑन का मतलब है वे शर्तें जिनके लाभ का भुगतान केवल तभी किया जाएगा जब उनका पालन किया गया हो। उदाहरण के लिए ऐसे क्लेम पर विचार नहीं किया जा सकता है जहाँ पॉलिसीधारक ने चिकित्सा सलाहों का पालन न किया हो। एक और उदारहण है कि यदि कोई कंपनी किसी ऐसी गंभीर बीमारी से मौत पर भुगतान करने से मना करती है, जिसमें व्यक्ति की मौत 30 दिनों के भीतर हो जाएगी। इस स्थिति में भी बीमा पॉलिसी पर मूल राशि के भुगतान में कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
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