Eucalyptus Farming Profit: अमीर बनने का सपना तो कई लोग देखते हैं लेकिन सिर्फ कुछ लोग ही इस सपने को पूरा कर पाते हैं।
आमतौर पर लोग यह सोचते हैं कि अमीर बनने के लिए ज्यादा पैसों की लागत का बिजनेस करना पड़ता होगा लेकिन कम लागत में भी अमीर बनना मुमकिन है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं यूकेलिप्टस के पेड़ की खेती की। आमतौर पर भारतीय किसान पारंपारिक खेती को ही अपनी आमदनी का जरिया बना लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप यूकेलिप्टस के पेड़ की खेती करके भी बढ़िया पैसे कमा सकते हैं।

यूकेलिप्टस का पेड़ है बेहद खास
भारत में इस पेड़ को सफेदा, गम और नीलगिरी के नाम से जाना जाता है। यूकेलिप्टस के पेड़ को कहीं भी उगाया जा सकता है और एक पेड़ से 400 किलो लकड़ी मिलती है।
इस लकड़ी का इस्तेमाल फर्नीचर से लेकर पेटियां बनाने तक में भी काम आता है। इंडियाटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस पेड़ का ओरिजन ऑस्ट्रेलिया से जुड़ा हुआ है।
इस पेड़ की जो लकड़ी होती है, वो भी कई चीजों में उपयोग होती है। बस यही वजह है कि इन पेड़ों की लकड़ियां काफी महंगी बिकती हैं। इन पेड़ों को पैसे देने वाले पेड़ कहा जाता है और अगर आपने इन्हें लगा लिया, तो आपको मालामाल होने से कोई नहीं रोक सकता।
कई राज्यों में होती है यूकेलिप्टस के पेड़ की खेती
आपको बता दें कि यूकेलिप्टस के पेड़ की खेती कई जगहें पर होती है। भारत में इस पेड़ की खेती मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, जैसे अन्य राज्यों में होती है।
आमतौर पर एक पेड़ की ऊंचाई 40 मीटर से 80 मीटर तक हो सकती है और इन पेड़ों को लगाते समय आपको दूरी कम से कम डेढ़ मीटर की रखनी होगी। एक हेक्टेयर में सफेदा के 3000 पौधे भी लगाए जा सकते हैं।
किसी भी मिट्टी में कर सकते हैं खेती
यूकेलिप्टस के पौधों की 6 प्रजातियां भारत में आसानी से उगाई जाती हैं. इनमें यूकेलिप्टस निटेंस, यूकेलिप्टस आब्लिकवा, यूकेलिप्टस विमिनैलिस, यूकेलिप्टस डेलीगेटेंसिस, यूकेलिप्टस ग्लोब्युल्स और यूकेलिप्टस डायवर्सिकलर है।
इन प्रजाति के पेड़ों को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है और यह काली, बलुई, दोमट, रेतीली ऊसर और बंजर सहित सभी तरह की मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है।
यह पेड़ कम समय में बहुत तेजी से बढ़ते हैं और कुछ ही सालों में मैच्योर पेड़ की तरह हो जाते हैं।
इतनी होगी सफेदा से कमाई
सफेदा की लकड़ियों का इस्तेमाल कई चीजों में होता है। आपके घर के फर्नीचर से लेकर दरवाजे तक इस लकड़ी से बनाया जाता है।
सफेदा के पौधे सिर्फ 5 साल में अच्छी ग्रोथ हासिल कर लेते हैं। इसके बाद इन्हें काटा जाता है। सफेदा के एक पेड़ से करीब 400 किलो लकड़ी मिलती है और बाजार में सफेदा की लकड़ी 6 से 7 रुपए प्रति किलो के भाव से बिकती है। अगर आप एक हेक्टेयर में सफेदा के 3000 पेड़ लगाते हैं तो आप लगभग 70 लाख तक हर साल कमा सकते हैं।
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