नयी दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए "CHAMPIONS" प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की थी। बहुत से छोटे व्यवसाय कोरोना महामारी के कारण मुसीबत हैं, इसलिए इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का इससे बढ़िया समय नहीं हो सकता था। पर क्या आप इस प्लेटफॉर्म के बारे में जानते हैं? आइये जानते हैं CHAMPIONS प्लेटफार्म और इसके फायदों के बारे में।
क्या है एमएसएमई के लिए CHAMPIONS प्लेटफार्म
CHAMPIONS का मतलब कुछ और नहीं बल्कि उत्पादन और राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रक्रियाओं का निर्माण और सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग है, जिसे अंग्रजी में Creation and Harmonious Application of Modern Processes for Increasing the Output and National Strength (CHAMPIONS) कहा जाएगा। एमएसएमई के सामने समय-समय पर विभिन्न चुनौतियां आती हैं। इन चुनौतियों में तकनीकी चुनौतियाँ, अनुपालन चुनौतियाँ या अलग-अलग मार्केटिंग चुनौतियाँ शामिल होती हैं। CHAMPIONS प्लेटफॉर्म देश के छोटे और मझौले उद्यमों की ऐसी ही शिकायतों को दूर करने, प्रोत्साहित करने, समर्थन करने, सहायता और मदद करने में काम आएगा।
CHAMPIONS टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म क्या करता है?
इस प्लेटफॉर्म के उद्देश्यों को कई तरीकों में वर्गीकृत किया जा सकता है :
शिकायतों का सुधार -
ये प्लेटफॉर्म एमएसएमई की शिकायतों को हल करने में मदद करता है जो कि फाइनेंस, कच्चे माल, वर्कपोर्स, विनियामक अनुमतियों आदि से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हो सकते हैं। इनमें कोरोना महामारी के कारण सामने आईं दिक्कतें भी शामिल हैं।
नए अवसरों की तलाश
कुछ एमएसएमई के पास सही तकनीकी बेनेफिट हो सकते हैं, मगर वे प्रभावी मार्केटिंग और कम्युनिकेशन क्षेत्रों में पिछड़ सकती हैं। CHAMPIONS प्लेटफॉर्म चिकित्सा उपकरणों और पीपीई, मास्क आदि जैसे इसके सहायक उपकरणों के निर्माण और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी आपूर्ति करने में मदद करेगा।
एमएसएमई की पहचान और उन्हें प्रोत्साहित करना
यह उन एमएसएमई की क्षमता का सही इस्तेमाल करने में भी मदद करेगा जो मौजूदा स्थिति का सामना करने में सक्षम हैं और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन बन सकते हैं।
टेक्नोलॉजी का फायदा
इसमें एक टेक्नोलॉजी से लैस कंट्रोल रूम-सह-प्रबंधन सूचना प्रणाली शामिल है। टेलीफोन, इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंस सहित आईसीटी टूल्स के अलावा ये सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग में भी सक्षम है। यह भारत सरकार के मुख्य शिकायत पोर्टल CPGRAMS और MSME मंत्रालय के अपने अन्य वेब आधारित मैकेनिज्म के साथ वास्तविक समय के आधार पर पूरी तरह से इंटीग्रेटेड है। पूरे आईसीटी आर्किटेक्चर को बिना किसी लागत के एनआईसी की मदद से तैयार किया गया है। इसी तरह मंत्रालय के डंपिंग रूम में से एक में रिकॉर्ड समय में इसका फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
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