केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को इन उद्यमों के 25 करोड़ रुपए तक के मौजूदा कर्ज का एकबारगी पुर्नगठन करने की अनुमति दी है। RBI के इस कदम से नकदी की तंगी झेल रहे छोटे उद्यमों को राहत मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) को नए साल का तोहफा दिया है। केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को इन उद्यमों के 25 करोड़ रुपए तक के मौजूदा कर्ज का एकबारगी पुर्नगठन करने की अनुमति दी है। RBI के इस कदम से नकदी की तंगी झेल रहे छोटे उद्यमों को राहत मिलेगी। रिजर्व बैंक ने कहा है कि यह सुविधा उन छोटे उद्योगों को मिलेगी जिन्होंने लिए गए कर्ज का भुगतान करने में चूक की है लेकिन उनका कर्ज फिलहाल बैंकों के खातों में 'मानक परिसंपत्ति' के तौर पर वर्गीकृत है।

नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद छोटे उद्योगों को नकदी की तंगी का सामना करना पड़ रहा था। रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल ने 19 नवंबर 2018 को हुई अहम बैठक में केंद्रीय बैंक को यह सुझाव दिया था कि वह MSME के 25 करोड़ रुपए तक की दबाव वाली मानक संपत्तियों के पुगर्ठन की संभावनाओं का परीक्षण करे। फिलहाल, निदेशक मंडल ने इसके साथ ही वित्तीय स्थिरिता के लिए जरुरी चीजों का भी ध्यान रखने की सलाह दी थी।
आरबीआई ने आज जारी वक्तव्य में कहा है कि MSME के कर्ज खातों को अर्थपरक बनाने के लिए रिजर्व बैंक ने उनके खातों के एकबारगी पुर्नगठन की अनुमति देने का फैसला किया है। यह सुविधा एमएसएमई के उन कर्ज खातों पर दी जाएगी जिनमें किस्त लौटाने में चूक हुई है लेकिन एक जनवरी 2019 को वह मानक श्रेणी में बने हुए हैं।
कहा गया है कि योजना का लाभ उठाने की पात्रता के लिए इन इकाईयों को कुल कर्ज 1 जनवरी 2019 को 25 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए।


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