14 सितंबर की तारीख को भारत में बुलेट ट्रेन की नींव पड़ी। इसके बारे में देश और दुनिया में चर्चे हो रहे हैं लेकिन बुलेट ट्रेन से भी तेज और बेहद सस्ती हाइपरलूप सर्विस भी भारत में शुरु हो चुकी है पर इसके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है। हाइपरलूप को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में शुरु किया गया है। आइए जानते हैं भारत के पहले हाइपरलूप प्रोजेक्ट से जुड़ी तमाम खास बातें।
आंध्रप्रदेश में शुरु हुआ पहला प्रोजेक्ट
हाइपरलूप प्रोजेक्ट को भारत के तटीय प्रदेश आंध्रप्रदेश में शुरु किया गया है। यह सर्विस विजयवाड़ा से अमरावती के बीच शुरु होगी। अमरावती आंध्रप्रदेश की राजधानी है और इसके निर्माण का काम जारी है। आंध्रप्रदेश सरकार को इस प्रोजक्ट के लिए अनुमति मिल चुकी है।
अमेरिकी कंपनी के साथ करार
आंध्रप्रदेश की चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने इसके लिए अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप ट्रांस्पोर्टेशन टेक्नोलॉजी के साथ करार किया है। यह प्रोजक्ट आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड और हाइपरलूप ट्रांस्पोर्टेशन टेक्नोलॉजी मिल कर पूरा करेंगे।
PPP प्रोजेक्ट पर होगा काम
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पीपीपी मोड यानि कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड को अपनाया गया है। इस प्रोजक्ट के लिए फंडिग निवेशकों की तरफ से होगी। हालांकि अभी प्रोजक्ट पर कितनी लागत आएगी इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
6 महीने की फिजिबिलिटी स्टडी
इसकी फिजिबिलटी टेस्ट का काम अक्टूबर से शुरु होगा और 6 महीने की फिजिबिलिटी स्टडी के बाद हाइपरलूप ट्रांस्पोर्टेशन टेक्नोलॉजी भारत में अपने पहले हाइपरलूप प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर देगी।
हाइपरलूप एक उच्च तकनीक
हाइपरलूप एक चुंबकीय शक्ति पर आधारित तकनीक है। इसमें खंभो के ऊपर एक पाइप में एलिवेटेड ट्यूब बिछाई जाती है। इस ट्यूब के अंदर एक टैक्सी होती है जो लोगों के बैठने के बाद पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसके बाद ये टैक्सी इस ट्यूब में बड़ी ही तेजी के साथ आगे बढ़ती है। चूंकि ट्यूब में होने के कारण टैक्सी पर हवा का घर्षण बेहद कम होता है इसलिए इसकी स्पीड काफी तेज होती है। इसमें बिजली का खर्च आता है जो कि बेहद कम है जबकि इससे प्रदूषण बिल्कुल भी नहीं होता है।
बुलेट ट्रेन से 3 गुना तेज
हाइपरलूप की स्पीड बुलेट ट्रेन से तीन गुना से भी ज्यादा तेज है। प्राथमिक परीक्षणों में इसकी स्पीड 1100-1200 किलोमीटर प्रतिघंटे मापी गई है। इसका परीक्षण अमेरिका में हुआ है अभी भारत में इसका परीक्षण होना बाकी है। अगर हाइपरलूप से आपको लखनऊ से दिल्ली जाना होगा तो सिर्फ 1 घंटे लगेंगे, जबकि हैदराबाद से दिल्ली जाने में 2 से 2.30 घंटे तक लगेंगे।
बजट बेहद कम
बात करें अगर बजट की तो हाइपरलूप का बजट भी बुलेट ट्रेन के मुकाबले बेहद कम है। इस प्रोजेक्ट की लागत 1300 से 1600 करोड़ रुपए के बीच आ सकती है। यह अनुमानित आंकड़ा है। जबकि बुलेट ट्रेन के लिए पहले ही 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट रख गया है। इस लिहाज से ये प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन के मुकाबले करीब 95 फीसदी तक सस्ता है।
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