केन्द्र सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत होम लोन पर लगभग 2.60 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी का लाभ मध्यम आय वर्गों (एमआईजी) से संबंधित लाभार्थियों को इस साल दिसम्बर के बाद 15 महीनों तक और मिलेगी। इसकी घोषणा भारत सरकार के सचिव (आवास एवं शहरी मामले) दुर्गा शंकर मिश्रा ने की। आपको बता दें यह स्कीम इस साल दिसंबर में खत्म होने वाली थी लेकिन सरकार ने इसके लिए समय बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया है।
ताकि उठा सकें ब्याज पर सब्सिडी का लाभ
दुर्गा शंकर ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ब्याज सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए एमआईजी लाभार्थियों को कुछ और समय देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल 31 दिसम्बर को घोषणा कर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ऋण संबद्ध सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) को इस साल दिसम्बर के आखिर तक एमआईजी के लिए भी मान्य कर दिया था।
CLSS के तहत मिलने वाली सब्सिडी
CLSS के तहत 6 लाख रुपये से ज्यादा और 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले एमआईजी लाभार्थियों को 9 लाख रुपये के 20 वर्षीय ऋण पर 4 फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलेगी। वहीं, 12 लाख रुपये से ज्यादा और 18 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को 3 फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
आवास पर निवेश के लिए दिया जोर
वर्ष 2022 तक शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास' लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का फिर से उल्लेख करते हुए दुर्गा शंकर ने निजी निवेशकों से किफायती आवास में निवेश करने का अनुरोध किया, जिसे सरकार तरह-तरह के प्रोत्साहनों एवं रियायतों के साथ बड़े पैमाने पर प्रवर्तित कर रही है।
जीएसटी पर भी हुई चर्चा
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने पूर्ण एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए तय जीएसटी दरों की विसंगतियों का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर चिंता जताई कि आवासीय परिसंपत्तियों की लागत में जीएसटी एवं अन्य करों का योगदान एक तिहाई से भी ज्यादा है।


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