नौकरी के लिए एप्पल कंपनी के सहसंस्थापक स्टीव जाब्स के हस्ताक्षरित आवेदन की अमेरिका में एक नीलामी से 50 हजार डालर यानि 32 लाख 37 हजार 722.50 रुपए मिलने की उम्मीद है। जाब्स ने 1972 में रीड कालेज में दाखिला लिया था। उन्होंने अपने अभिभावकों की अल्प धनराशि बचाने के लिए मात्र छह महीने बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।
क्या लिखा है जॉब अप्लीकेशन में?
जॉब्स ने 1972 में एक पन्ने की प्रश्नावली भरी थी। इसमें उन्होंने अपना पता..रीड कॉलेज, फोन के कॉलम में 'कोई नहीं', विषय के कॉलम में ‘अंग्रेजी साहित्य' भरा था। इसके अलावा स्टीव जॉब्स ने मिडिल क्लास में ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ‘हां' लिखा था। उन्होंने अपने शैक्षणिक कौशल में स्टीव जॉब्स ने कम्प्युटर और कैलकुलेटर के कॉलम में ‘हां' लिखा था। उन्होंने नीचे अपनी विशेष योग्यता के तौर पर ‘इलेक्ट्रानिक्स टेक या डिजाइन इंजीनियर' लिखा है।
50 हजार डॉलर में नीलामी की उम्मीद
खबरों के मुताबिक, बोस्टन स्थित आरआर आक्शन के एक्जेक्युटिव वीपी बॉबी लिविंग्स्टोन ने कहा, ‘यह एक शानदार दस्तावेज है जो जाब्स की तकनीकी उद्योग में काम करने की शुरूआती आकांक्षा उजागर करता है जिसमें वह एक दिन क्रांति लाने वाले थे।'' इस दस्तावेज के 50 हजार डॉलर में बिकने की उम्मीद है।
मंदिर में करते थे भोजन
स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 में अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में हुआ था। अपनी पढ़ाई के लिए स्टीव बचपन से ही छोटे-मोटे काम करने लगे थे। 1972 में स्टीव जॉब्स ने पोर्टलैंड के रीड कॉलेज में दाखिला लिया और अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। वो अपने खाने के लिए कोक की खाली बोतलें बेचते थे और सप्ताह में एक दिन पास के ही कृष्ण मंदिर में भोजन करते थे।
भारत में 7 महीने बिताए
एपल की शुरुआत करने के बाद जब वह मुश्किलों का सामना करने लगे तो उन्होंने भारत की यात्रा का निर्णय लिया। यहां आकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। वह भारत में नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए आए थे लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। स्टीव जॉब्स ने भारत में करीब 7 महीने बिताए, इस दौरान उन्होंने दिल्ली, उत्तरप्रदेश, और हिमाचल में काफी वक्त बिताया।
टाइम ने एपल को सराहा
1982 आते-आते स्टीव जॉब्स की कंपनी एपल तेजी से आगे बढ़ने लगी। उस दौरान टाइम मैगजीन ने एपल कंप्यूटर को मशीन ऑफ द इयर का खिताब भी दिया था। 1985 में उन्हें राष्ट्रपति ने नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी से नवाजा। 2007 में फॉर्च्यून मैगजीन ने उन्हें उद्योग जगत में सबसे शक्तिशाली पुरुष का खिताब दिया था।
निधन
स्टीव जॉब्स का निधन 5 अक्टूबर 2011 को हो गया। उनके निधन पर माइक्रोसाफ्ट और डिज्नी जैसी बड़ी-बड़ी कम्पनियों ने शोक मनाया। सारे अमेरिका में शोक मनाया गया। वे निधन के बाद अपनी पत्नी और तीन बच्चों को पीछे छोड़ गये। जिस वक्त स्टीव जॉब्स का निधन हुआ उस वक्त तक उनके पास 5.1 अरब डॉलर की संपत्ति थी और वह अमेरिका के 43वें सबसे अमीर व्यक्ति थे।
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