यहां पर आपको बताएंगे कि भारतीय स्टेट बैंक विदेशों में स्थित अपनी 9 शाखाएं (ब्रांच) क्यों बंद कर रहा है।
एक ओर जहां आरबीआई के PCA लिस्ट वाले 11 बैंकों के एटीएम बंद होने की खबर आ रही है तो दूसरी ओर अब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक की कुछ शाखाओं की बंद होने की खबर आ रही है। जी हां स्टेट बैंक की विदेशी ब्रांच में अगर आपका खाता है तो यह खबर आपके काम आ सकती है। एसबीआई विदेशो में स्थित अपनी 9 और ब्रांच बंद करने की योजना बना रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले भी बैंक विदेशों में स्थित अपनी 6 ब्रांच बंद कर चुका है।
बैंक के प्रबंध निदेशक के अनुसार विदेशी कारोबार के पुर्नगठन की योजना के तहत काम किया जा रहा है। इस पर पिछले साल ही चर्चा हुई थी। बैंक इस वक्त इस 36 देशों में कारोबार कर रहा है, जहां कुल मिलाकर बैंक की 190 ब्रांच हैं। तो आइए जानते हैं बैंकों के ब्रांच बंद होने के कारण-
शाखाओं के बंद होने का कारण
बैंक प्रबंधन के अनुसार बैंकों की शाखाओं के पास कैपिटल की दिक्कत है, ऐसे में कैपिटल का सही इस्तेमाल उसी जगह पर किया जाना चाहिए जहां उसकी जरुरत है और बेहतर है। इसी रणनीति के तहत बैंक पिछले दो साल में अपनी 6 विदेशी शाखाएं बंद कर चुका है। इसके अलावा 9 और विदेशी शाखाओं को बंद करने की योजना पर काम चल रहा हे। अधिकारियों के अनुसार बंगलादेश और दक्षिण अफ्रीका में काफी छोटी शाखाएं हैं ऐसी ही शाखाएं कई अन्य जगहों पर हैं, जिनका पुर्नगठन करने की जरुरत है।
वित्त विभाग की ओर से भी आया है आदेश
बैंक प्रबंधक के अनुसार वित्त विभाग का भी एक आदेश आया कि कि विदेशों में जो शाखाएं हैं और वो अगर व्यवहारिक नहीं हैं तो उन्हें बंद कर दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार एसबीआई ने सरकार के इस आदेश के पहले ही इस योजना पर काम करना शरु कर दिया था।
बैंक की शाखाओं का मंथन करने के लिए कहा गया था
बता दें कि बैंक की शाखाओं को बंद करने से संबंधित पिछले साल नवंबर में हुए पीएसबी मंथन में सरकारी बैंकों से कहा गया था कि वह अपनी 216 विदेशी शाखाओं के काम की समीक्षा करें। बैंक की शाखाओं का पुर्नगठन करना एक सतत प्रक्रिया है लेकिन विदेश के मामले में जब तक वह कारोबारी फायदे का सौदा न हो उसको चलाना उचित नहीं है।
नॉन-कोर बिजनेस को भी समेटने का फैसला
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने आने वाले तीन सालों में नॉन-कोर बिजनेस को भी समेटने का फैसला किया हे। यह निर्णय बैंक की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए किया गया है। वित्त मंत्रालय की सहयोगी संस्था डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने सुधार के इस कदम पर तुरंत कार्रवाई के लिए कहा है।
नहीं बंद होगा विदेशों में कारोबार
ब्रांच बंद होने का मतलब यह नहीं हो कि विदेशों में एसबीआई का कारोबार बंद कर दिया जाएगा। SBI सिर्फ छोटी ब्रांच बंद कर रहा है या फिर दो-तीन ब्रांच का एक में विलय कर रहा है। इसके साथ ही ऐसा कोई बड़ा सेंअर नहीं है जहां एसबीआई मौजूद न हो, लेकिन जहां जरुरत नहीं है वहां ब्रांच खोलकर रखने को कोई फायदा नहीं है।


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