नई दिल्ली, अप्रैल 21। बीमा सिर्फ टैक्स बचाने का एक साधन नहीं है। यदि ठीक से चुना जाए तो बीमा पॉलिसी किसी अनहोनी घटना के दुर्भाग्यपूर्ण नतीजे के कारण आपको या आपके परिवार को होने वाले नुकसान के मुकाबले वित्तीय कवर प्रदान कर सकती है। इसलिए, बीमा कवर चुनने से पहले, आपको इसका महत्व पता होना चाहिए और आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार कवर लेना चाहिए। बीमा को आम तौर पर दो सेगमेंट में विभाजित किया जाता है - सामान्य बीमा (जनरल इंश्योरेंस) और जीवन बीमा (लाइफ इंश्योरेंस)।
जीवन और सामान्य बीमा
जैसा कि नाम से पता चलता है, जीवन बीमा पॉलिसीधारक के जीवन को कवर करने के लिए है। पॉलिसी की अवधि के भीतर पॉलिसी धारक की मृत्यु की स्थिति में, बीमा कंपनी पॉलिसी के नॉमिनी व्यक्ति को एक सुनिश्चित राशि का भुगतान करेगी। भारत में सबसे आम जीवन बीमा पॉलिसी होल लाइफ इंश्योरेंस, टर्म लाइफ इंश्योरेंस, एंडोमेंट प्लान, यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप), चाइल्ड प्लान और पेंशन प्लान हैं। वहीं सामान्य बीमा स्वास्थ्य, घर, मोटर, आग और यहां तक कि यात्रा सहित सभी गैर-जीवन बीमा संपत्तियों को कवर करता है। पहली बार बीमा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ये जानने के लिए खबर को अंत तक पढ़ें।
अपनी जरूरतों को समझें
यह रिसर्च करें कि आपको बीमा की आवश्यकता क्यों है, चाहे वह आपकी असामयिक मृत्यु के मामले में आपके परिवार को कवर प्रदान करना हो या आपके बिजनेस परिसर में आग लगने की स्थिति में उचित मुआवजा सुनिश्चित करना हो। क्या आप एक निश्चित अवधि के लिए या जीवन भर के लिए बीमा की तलाश कर रहे हैं? ये निर्णय आपके बीमा के प्रकार और अवधि को प्रभावित करेंगे।
अपना बजट चेक करें
आज कोई बहुत कम प्रीमियम पर अत्यधिक किफायती बीमा खरीद सकता है। कोई अपनी जरूरत के हिसाब से कवरेज भी चुन सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप आम तौर पर अकेले यात्रा करते हैं, तो आप मोटर वाहन बीमा खरीदते समय यात्री कवरेज को छोड़ सकते हैं।
अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें
पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य बीमा होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास आपात स्थिति में उचित स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने की क्षमता है। यह आपकी रिकलर की क्षमता, आपकी भविष्य की कमाई को प्रभावित कर सकता है और आपकी बचत की रक्षा करेगा।
कंपनी की रिसर्च बेहद जरूरी
बीमा खरीदते समय, हमेशा कंपनी के दावों के निपटान अनुपात (सेटलमेंट रेशियो) की जांच करने की सलाह दी जाती है। यह जीवन बीमा दावों का प्रतिशत है कि एक बीमा कंपनी ने उस वर्ष में कुल दावों की तुलना में एक वर्ष में कितने दावों निपटारा किया है। यानी मान लीजिए किसी कंपनी का यह अनुपात 99 फीसदी है तो उस कंपनी के पास 100 दावे आए हैं, जिनमें से उसने 99 का निपटारा कर दिया है। हमेशा कोशिश करें कि ऐसी कंपनी से बीमा खरीदें, जिसका निपटान अनुपात अधिक हो। बाकी डिजिटलीकरण की बदौलत आज बीमा खरीदना काफी आसान हो गया है। खरीदार कुछ ही मिनटों में रिसर्च और कंपेयर कर सकते हैं और पॉलिसी खरीद सकते हैं। बीमा कंपनियों ने भी अपनी पहुंच लोगों के बीच काफी बढ़ाई है।
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