नई दिल्ली, नवंबर 18। सरकार 5-6 और सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी कर रही है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडे के अनुसार केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2021-22 में भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल), शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया और पवन हंस सहित पांच से छह कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इन कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन लिए दिसंबर-जनवरी तक बोलियां आमंत्रित करने की योजना बना रही है। 2021-22 में सरकार के बीईएमएल और नीलाचल इस्पात का प्राइवेटाइजेसन पूरा करने की भी उम्मीद है।
क्या होती है दीपम की भूमिका
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) वैश्विक आर्थिक नीति शिखर सम्मेलन 2021 में बोलते हुए, पांडे ने कहा कि उन्हें 2021-22 तक बीईएमएल और नीलाचल इस्पात का निजीकरण पूरा करने की भी उम्मीद है। बता दें कि दीपम वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसका भूमिका सरकारी कंपनियों का निजीकरण करना या प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से उन्हें सार्वजनिक करना या ऑफर फॉर सेल के जरिए उनमें हिस्सेदारी कम करना है। ये विभाग पीएसयू द्वारा भुगतान किए गए डिविडेंड और शेयर बायबैक पर नजर भी रखता है।
क्या है सरकार का टार्गेट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार हर वित्त वर्ष के लिए निजीकरण का एक टार्गेट सेट करती है। यानी ये टार्गेट रखा जाता है कि सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेच कर ये कितना पैसा जुटाएगी। इस साल दीपम की भूमिका और भी अहम है क्योंकि केंद्र सरकार 1.75 लाख करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य को पूरा करना चाहती है।
एलआईसी का आईपीओ
टाटा संस को एयर इंडिया को बेचने के बाद अब सरकार भारत पेट्रोलियम को प्राइवेट करने जा रही है और एलआईसी को आईपीओ के जरिए पब्लिक करना चाहती है। आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अजय सेठ, ने कहा इस प्रोग्राम में कहा कि हमें अगले कुछ वर्षों में कैपिटल एक्सपेंडीचर देश के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा।
रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट
सरकार एलआईसी के आईपीओ को लिस्ट करने पर जोर दे रही है। वहीं सेठ ने दोहराया कि सरकार इसके लिए बहुत मेहनत कर रही है और इसे 2021-22 की अंतिम तिमाही में लॉन्च करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पूंजी बाजार लंबी अवधि फाइनेंसिंग के लिए पर्याप्त मैच्योर नहीं हैं और लंबी अवधि की फाइनेंसिंग के लिए उन्हें और डेवलप करने की आवश्यकता है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (आरईआईटी) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट्स) को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार पीएसयू द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए इनविट्स में से इनविट और आरईआईटी के लिए गुड और बैड प्रेक्टिस की एक लिस्ट तैयार कर रही है।
भारत में अभी हुई है शुरुआत
सरकार और अधिक पीएसयू को फंड जुटाने के लिए इनविट का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। वैश्विक स्तर पर 2.4 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर के संयुक्त बाजार पूंजीकरण के साथ 800 से अधिक लिस्टेड आरईआईटी हैं। मगर ये उत्पाद अभी भी भारत में अपने शुरुआती दिनों में है। भारत में केवल तीन लिस्टेड आरईआईटी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटल) 4 अरब डॉलर है और देश में सभी लिस्टेड और निजी इनविट का कुल पूंजीकरण लगभग 10 अरब डॉलर है।
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