नई दिल्ली, फरवरी 2। सरकार ने बजट में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) आवंटन को पिछले वर्ष से 35 फीसदी बढ़ा कर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर री-रेटिंग के लिए तैयार हैं। जानाकारों का मानना है कि अधिक खर्च कैपिटल गुड्स, कंस्ट्रक्शन, कंस्ट्रक्शन सामान और कमर्शियल सेगमेंट की कंपनियों की किस्मत चमका सकता है। जानकारों की पसंद एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, सीमेंस और पीएनसी इंफ्राटेक हैं। बाजार में कुल पूंजीगत व्यय में 15-20% की वृद्धि की उम्मीद थी, मगर इसमें 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
सप्लाई साइड पर फोकस
बजट में सप्लाई साइड के मुद्दों को हल करने और अर्थव्यवस्था में नये निवेश साइकिल को सपोर्ट करने के लिए काफी ध्यान दिया गया है। अनुदान सहित वित्त वर्ष 2022-23 में कुल पूंजीगत व्यय 10.68 लाख करोड़ रु का अनुमान है। जानकारों का मानना है कि इसका सीधा लाभ इंजीनियरिंग और निर्माण फर्मों को होगा, जिनमें एलएंडटी, पीएनसी इंफ्रा, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक, डालमिया भारत जैसी निर्माण कंपनियां शामिल हैं। यानी इन कंपनियों के शेयर भी पैसा बरसा सकते हैं।
कल रही शेयरों में तेजी
एलएंडटी, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंस, एचसीसी, अल्ट्राटेक, श्री सीमेंट, अंबुजा सीमेंट्स, डालमिया भारत, जेएसडब्ल्यू स्टील, सेल और जिंदल स्टील एंड पावर जैसे शेयरों में मंगलवार यानी बजट वाले दिन भी 4-7 फीसदी की तेजी आई।
इन सेक्टरों को फायदा
फिस्कल कैपेक्स में 35.4 फीसदी की इतनी बड़ी वृद्धि इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, मेटल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों के लिए बिजनेस ग्रोथ को गति देगी। टाटा स्टील, एलएंडटी, सीमेंस, हिंडाल्को, केएनआर, पीएनसी इंफ्रा, भारत फोर्ज जैसे स्टॉक इन्फ्रा खर्च के कुछ सबसे बड़े लाभार्थी हो सकते हैं।
हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को फायदा
सरकार ने किफायती आवास योजना के तहत आवास परियोजनाओं के लिए 48,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो सीमेंट कंपनियों के लिए संभावनाओं को बढ़ाएगा। वहीं 3.8 करोड़ घरों में नल से पानी पहुंचाने के लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन पाइप निर्माताओं के लिए जोरदार होगा। विश्लेषकों के अनुसार फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, सुप्रीम इंडस्ट्रीज, एस्ट्रल और प्रिंस पाइप्स को इससे फायदा होगा। अधिक पूंजीगत व्यय कमर्शियल वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों और ट्रैक्टर निर्माताओं के लिए बढ़िया हो सकता है। कमर्शियल वाहन क्षेत्र, विशेष रूप से मध्यम और भारी कमर्शियल वाहन खंड के लिए इंफ्रा खर्च भी एक बड़ा सकारात्मक पहलू है। इंफ्रा पर अधिक खर्च निर्माण, कैपिटल गुड्स, धातु, सीमेंट और पाइप निर्माताओं के लिए शुभ संकेत है।
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