नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोविड वैक्सीन से जुड़ी एक प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता में जीतने वाले 2 लोगों को कुल 60 लाख रु दिए जाएंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिल कर कोविन (CoWIN) लॉन्च करने का ऐलान किया है। ये कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम को मजबूत करने के लिए एक ग्रैंड चैलेंज है। यह राष्ट्रीय स्तर पर कोविड वैक्सीन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम के लिए मैकेनिज्म को प्रभावी रूप से शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा।
कब तक है आवेदन का मौका
सरकार इस प्रतियोगिता के जरिए आईटी कंपनियों और स्टार्ट-अप से सॉल्यूशन प्राप्त करना चाहती है। ये चैलेंज बुधवार को रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के साथ शुरू हो चुका है। प्रतिभागी 15 जनवरी तक आवेदन कर सकता है। टॉप पांच आवेदकों को प्लेटफॉर्म के साथ संभावित इंटीग्रेशन के लिए उनके सॉल्यूशन की प्रभावकारिता साबित करने के लिए कोविन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम) एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) प्रदान किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदक को अपनी लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को कवर करने के लिए 2 लाख रु जीतने का मौका मिलेगा।
मोबाइल टेक्नोलॉजी और वैक्सीनेशन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ऐसे टेक्निकल सॉल्यूशन की तलाश में है, जिसके जरिए वैक्सीनेशन के बाद किसी अनहोनी घटना पर नजर रखी जाए। साथ ही किसी भी तरह की शिकायत, भीड़ का प्रबंधन, परिवहन और पोर्टेबिलिटी जैसे मामलों से चिंता मुक्त हुआ जा सके। असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि बड़े स्तर पर कोरोना वैक्सीनेशन के लिए मोबाइल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया होगा। चैलेंज में कामयाब टॉप 2 लोगों को क्रमश: 40 लाख रु और 20 लाख रु बतौर इनाम दिए जाएंगे।
इनोवेटर्स की भूमिका अहम
दूरसंचार और आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत के नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स) ने कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पूरे भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत करने के लिए कोविन प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के लिए इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया। इस चैलेंज के जरिए कोविन प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने और उसका विस्तार करने के लिए प्रतिभाशाली और इनोवेटिव स्टार्टअप और उभरते प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
इन चीजों पर होगा फोकस
सरकार की तरफ से शुरू किए गए चैलेंज में जिन मुख्य चीजों पर फोकस होगा उनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, निगरानी और प्रबंधन, डायनामिक लर्निंग और सूचना प्रणाली, तकनीकी क्षमता, वैक्सीन लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और वैक्सीन मिलने वाले लाभार्थी के साथ किसी अप्रिय घटना के मामले में उसकी निगरानी शामिल है।
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