कमाई के मौके : 67 कंपनियां IPO लाने को तैयार, मगर ग्लोबल फैक्टर बिगाड़ सकते हैं खेल

नई दिल्ली, जुलाई 4। शेयर बाजार में किसी नयी कंपनी को आने के लिए आईपीओ लाना होता है। निवेशकों के लिए आईपीओ किसी लॉटरी से कम नहीं होता। क्योंकि आम तौर पर आईपीओ निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिलाने में कामयाब होते हैं। पर समस्या यह है कि अगर शेयर बाजार की हालत खराब हो, जैसा कि कई महीनों से चल रही है, तो आईपीओ नुकसान भी कराते हैं। अभी तक 2022 की पहली छमाही में सोलह आईपीओ लॉन्च किए गए हैं, जबकि मंजूरी 67 आईपीओ को मिली है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 24 आईपीओ लॉन्च किए गए थे।

क्यों धीमी हुई आईपीओ की रफ्तार

क्यों धीमी हुई आईपीओ की रफ्तार

सेकंडरी बाजारों में कमजोर सेंटीमेंट, रूस-यूक्रेन युद्ध, तेल की ऊंची कीमतें, मुद्रास्फीति को लेकर चिंता, कई केंद्रीय बैंकों द्वारा पॉलिसी को कड़ा करना और अमेरिका में मंदी की बढ़ती आशंका के कारण आईपीओ लॉन्च की रफ्तार धीमी हुई है। चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी 50 पिछले वर्ष के 22-24 प्रतिशत तेजी के मुकाबले 9 प्रतिशत से अधिक गिरे हैं।

वैश्विक कारण हो रहे हावी

वैश्विक कारण हो रहे हावी

जानकार मानते हैं कि वर्तमान में शेयर बाजार में सेंटीमेंट कमजोर हैं। यही कारण है प्राथमिक बाजार यानी प्राइमरी मार्केट इश्यू की संख्या में भी कमी दिख रही है। कमजोरी वैश्विक फैक्टरों और बढ़ती ब्याज दरों के साथ साथ बढ़ती मुद्रास्फीति निकट अवधि में विकसित बाजारों में मंदी की आशंका के कारण अधिक है। रिकॉर्ड हाई स्तरों से रिटर्न देखें तो बेंचमार्क इंडेक्स में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है।

क्या होता है आईपीओ का प्रोसेस

क्या होता है आईपीओ का प्रोसेस

एक्सिस कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 67 कंपनियों को पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल गई है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) का मसौदा दाखिल करने के बाद सेबी उसकी जांच करता है और प्रत्येक आईपीओ के लिए अपनी ऑबजर्वेशंस जारी करता है। किसी भी कंपनी के लिए पब्लिक इश्यू लॉन्च करने के लिए यह जरूरी है।

इन कंपनियों का आना है आईपीओ

इन कंपनियों का आना है आईपीओ

जिन कंपनियों ने सेबी का ऑबजर्वेशंस प्राप्त किया है और जो अभी भी मान्य हैं उनमें एपीआई होल्डिंग्स (फार्मएसी की मूल फर्म), वन मोबिक्विक सिस्टम्स, गो एयरलाइंस, भारत एफआईएच, टीबीओ टेक, सूरज एस्टेट डेवलपर्स, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, आधार हाउसिंग फाइनेंस, इमेजिन मार्केटिंग (बीओएटी), हर्ष इंजीनियर्स, फैबइंडिया, कैपिलरी टेक्नोलॉजीज, एशियानेट सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी शामिल हैं। एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स, जेके फाइल्स एंड इंजीनियरिंग, वेलनेस फॉरएवर मेडिकेयर, वारी एनर्जीज, एलई ट्रेवेन्यूज टेक्नोलॉजी, एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन, इंडिया1 पेमेंट्स, जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया (बजाज इलेक्ट्रॉनिक्स), ट्रैक्सन टेक्नोलॉजीज, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, केमस्पेक केमिकल्स, फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक भी आईपीओ लाने वाली कंपनियों की लाइन में हैं।

इन कंपनियों को सेबी की मंजूरी का इंतजार

इन कंपनियों को सेबी की मंजूरी का इंतजार

38 कंपनियों ने डीआरएचपी दाखिल किया है और सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इनमें स्नैपडील, ड्रूम टेक्नोलॉजी, ओयो, एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, नावी टेक्नोलॉजीज, एबिक्सकैश, आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज, पेमेट इंडिया, बीबा फैशन, केफिन टेक्नोलॉजीज, हेमानी इंडस्ट्रीज, जॉयलुक्कास इंडिया, यात्रा ऑनलाइन, विक्रम सोलर और लावा इंटरनेशनल शामिल हैं। बता दें कि चालू कैलेंडर वर्ष में लिस्ट हुए आईपीओ ने मिलाजुला रुख दिखाया है। कई कंपनियों के प्राइस में आईपीओ भाव के मुकाबले काफी गिरावट आई है। इन कंपनियों में एलआईसी भी शामिल है।

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