Economic Survey 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश कर दिया है। इस पूरे सर्वे में बहुत सारी जानकारियां साझा की गईं, जो देश की आर्थिक ग्रोथ में सहायता करेगी। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के लिए एक नया हिसा शामिल किया गया है। सर्वे में बताया गया कि AI अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि आज की वास्तविकता बन चुकी है और इसका प्रभाव हर सेक्टर में महसूस किया जा रहा है।

AI का वैश्विक और भारत में असर
सर्वे के अनुसार, दुनिया की अधिकांश कंपनियां अब किसी न किसी रूप में AI का इस्तेमाल कर रही हैं। पहले यह तकनीक केवल विकसित देशों तक सीमित थी, लेकिन अब मध्यम इंकम वाले देशों में भी तेजी से फैल रही है। भारत के लिए इसका सही इस्तेमाल बड़े पैमाने पर निवेश और अत्यधिक तकनीकी संसाधनों के बिना भी संभव है।
छोटे और क्षेत्र-विशिष्ट मॉडल पर जोर
सर्वे में भारत के लिए बॉटम-अप अप्रोच अपनाने की सलाह दी गई है। इसका मतलब है कि बड़े AI सिस्टम बनाने के बजाय छोटे, क्षेत्र-विशिष्ट मॉडल तैयार किए जाएं जो कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करें। ये मॉडल कम कंप्यूटिंग पावर में भी काम कर सकते हैं और स्मार्टफोन या स्थानीय कंप्यूटर पर आसानी से चल सकते हैं। इससे स्टार्टअप, यूनिवर्सिटी और स्थानीय कंपनियों के लिए इनोवेशन में भागीदारी आसान हो जाएगी।
रोजगार और उत्पादकता
AI के चलते नौकरियों में अचानक कमी नहीं आती, लेकिन उत्पादकता बढ़ने की गति के अनुसार रोजगार का विकास धीरे-धीरे होता है। भारत जैसे लेबर-इंटेंसिव देश में AI को पहले कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। इससे रोजगार सुरक्षित रहेगा और प्रोडक्शन भी बेहतर होगा।
डेटा सुरक्षा और लोकल इनोवेशन
भारत में करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनके डेटा का ज्यादा फायदा अक्सर विदेशों में जाता है। सर्वे में सुझाव दिया गया है कि भारतीय डेटा को सुरक्षित रखना और कंपनियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। इसके साथ ही लोकल AI प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि तकनीक सीधे लोगों तक पहुंचे।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट
AI के फायदों का अधिकतम इस्तेमाल तभी संभव है जब देश में मानव संसाधन तैयार हों। स्कूल और कॉलेज स्तर पर रीडिंग, रीजनिंग और समस्या समाधान जैसी स्किल्स पर जोर देना जरूरी है। इसके साथ ही इंडस्ट्री और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाने से युवाओं की क्षमता और रोजगार अवसर दोनों मजबूत होंगे।
इकोनॉमिक सर्वे का संदेश साफ है, AI भारत के लिए एक रणनीतिक विकल्प है। सही दिशा में इस्तेमाल होने पर यह उत्पादन बढ़ाएगा, रोजगार सुरक्षित करेगा और देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा। बॉटम-अप, सेक्टर-विशिष्ट और सुरक्षित नजरिया ही AI का प्रभावी इस्तेमाल तय करेगा।
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