नई दिल्ली, अगस्त 05। इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) ने कैपिटल गेन टैक्स पर एक अहम फैसला लिया है। अपने फैसले में ट्रिब्यूनल ने एक एनआरआई टैक्सपेयर को मकान की मरम्मत पर हुए खर्च पैसो को कर छूट में दावा पेश करने का अधिकार दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मकान की सुविधाओं को अपग्रेड कराने जैसे टाइल लगावाने या पेंट कराने संबंधित अन्य कामों के लिए किए गए खर्च पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा की अगर व्यक्ति ने यह राशि कैश में खर्च की है तब भी इस पर छूट का दावा किया जा सकता है। यह मामला फ्लैट्स की बिक्री पर हुए कैपिटल गेन पर लगने वाले टैक्स का मामला था। जानकारों का मानना है कि इस मामले में पेमेंट में अनअकाउंटेड पैसे का इस्तेमाल नहीं किया गया था और टैक्सपेयर किसी तरह का बिजनेस नहीं कर रहा था। इसलिए कोर्ट ने ऐसा आदेश दिए।
कैपिटल गेन पर लगता है टैक्स
टैक्स नियमों के अनुसार कैपिटल गेन का कैलकुलेशन बिक्री की राशि माइनस कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन और कॉस्ट ऑफ इम्प्रूवमेंट के आधार पर की जाती है। इन दोनों का कैलकुलेशन कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के आधार पर की जाती है। इन दोनों कंपोनेंट्स का दाम जितना अधिक होगा, टैक्सेबल कैपिटल गेन उतना ही कम होगा और इस कैलकुलेशन के आधार पर टैक्स लगेगा। कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन में मकान की कीमत, रजिस्ट्रेशन फीस और ब्रोकर की फीस शामिल की जाती है। कॉस्ट ऑफ इम्प्रूवमेंट में कैपिटल एक्सपेंडीचर शामिल किया जाता है जिससे प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ जाती है।
2009-10 का है मामला
एनआरआई कोमल गुरुमुख संगतानी और उनके पति ने आईटीएटी में अपील की थी। यह मामला वित्त वर्ष 2009-10 का है। संगतानी ने बताया कि फ्लैट को रहने लायक बनाने के लिए उन्हें उसे अपग्रेड कराना पड़ा। अमूमन इस तरह के मामलों में पेमेंट कैश में ही किया जाता है। संगतानी ने घर लोन पर 5.5 लाख रुपये के ब्याज को कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन में शामिल करने का दावा पेश किया था। आईटीएटी ने अपने आदेश में कहा कि हो सकता है टैक्सपेयर ने इस ब्याज का दावा हाउस प्रॉपर्टी से हुई इनकम के तहत किया हो। ट्रिब्यूनल ने इस मसले को आईटी अधिकारी के पास दोबारा वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया है।
मकान बेचने पर टैक्स
आपको किसी भी संपत्ति को बेचने के कारण पूंजीगत लाभ पर एक पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करना होगा। घर की बिक्री को लाभ पहुंचाने के लिए करों की गणना दो तरीकों से की जाती है। यदि आपने इसे दो साल तक संग्रहीत करने के बाद एक घर बेच दिया है, तो इसे एक लंबी पूंजी लाभ (लंबी -लंबी पूंजी लाभ) माना जाएगा। लंबे समय तक पूंजीगत लाभ 20 %तक पूंजीगत लाभ कर एकत्र करता है। लेकिन अगर आपने 24 महीने से पहले एक घर बेच दिया है, तो इस अल्पावधि को एक पूंजीगत लाभ (शॉर्ट -टर्म कैपिटल गेन) माना जाएगा। यदि आपने संपत्ति खरीदने के बाद आईटी में सुधार या विस्तार किया है, तो खर्च का सूचकांक शुल्क लेकर आयकर जारी किया जा सकता है। इससे कैपिटल गेन टैक्स बोझ कम हो जाएगा।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications