Indian Railways: भारतीय रेलवे भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है। रेलवे हमेशा अपने यात्रियों को हर संभव मदद करने की कोशिश में रहता है। भारतीय रेलवे विश्व में मौजूदा समय में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। अपनी इस बढ़ती हुई पहुंच के बाद संसदीय स्थायी समिति ने हाल के वर्षों में कम मूल्य के कारण यात्री किराए की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

राजस्व एवं वित्तीय चुनौतियां
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारतीय रेलवे का राजस्व 2,56,093 करोड़ रुपये था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.6% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, शुद्ध राजस्व कम बना हुआ है। वित्त वर्ष 25 के लिए बजट अनुमान 2,800 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। समिति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यात्री खंड का राजस्व माल ढुलाई राजस्व की तुलना में काफी कम है, जिसका अनुमान 2024-25 के लिए 1,80,000 करोड़ रुपये है।
रेल मंत्रालय ने यात्री राजस्व को बढ़ाने के लिए अलग अलग रणनीतियों को लागू किया है। इनमें विशेष ट्रेनें चलाना और ऑनबोर्ड क्षमता बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी-फ़ेयर योजना शुरू की और उसे बनाया तथा कम यात्रियों वाली श्रेणियों में छूट की पेशकश की।
ऑपरेटिंग रेसीओ में सुधार के प्रयास
ऑपरेटिंग रेसीओ में सुधार करना भारतीय रेलवे की प्राथमिकता है। उनका लक्ष्य व्यय को नियंत्रित करते हुए आय में वृद्धि करना है। वित्त वर्ष 2023-24 में उनका ऑपरेटिंग रेसीओ सुधरकर 98.43% हो गया।
गैर-किराया राजस्व बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे ने गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति और वाणिज्यिक आय एवं गैर-किराया राजस्व अनुबंधों के लिए ई-नीलामी नीति जैसी कई पहल शुरू की हैं। उन्होंने कई उपायों के अलावा संयुक्त पार्सल उत्पाद-रैपिड कार्गो सेवा (जेपीपी-आरसीएस) भी शुरू की है।
यात्री किराया समीक्षा अनुशंसाएं
समिति ने अलग अलग ट्रेनों और श्रेणियों में यात्री किराए की व्यापक समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया। 'सामान्य श्रेणी' की यात्रा के लिए सस्टेनबिलिटी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन उन्होंने यात्री वर्ग में घाटे को कम करने के लिए एसी श्रेणी के किराए को होने वाली लागत के साथ जोड़ने का सुझाव दिया।
यह मानते हुए कि भारतीय रेलवे लाखों आर्थिक रूप से वंचित व्यक्तियों की सेवा करती है, समिति ने सामाजिक सेवा दायित्वों के तहत लागत से कम किराया तय करने के कारण होने वाले नुकसान को स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किफायती टिकट कीमतों को बनाए रखने के लिए ऑपरेटिंग लागत को रेसनल बनाना जरूरी है।
भारतीय रेलवे रणनीतिक पहलों और किराया समायोजन के माध्यम से अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करने का प्रयास करते हुए पूरे भारत में लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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