Maruti News: देश में फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो गई है. ऐसे में लगभग सभी सेक्टर को कारोबारी ग्रोथ की उम्मीद होती है. लेकिन इस बार ऑटो सेक्टर के लिए मुश्किल हो सकता है. क्योंकि डिमांड धीमी रहने और प्रोडक्शन ज्यादा होने से मार्केट में बैलेंस बिगड़ सकता है. यही वजह है कि मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) 2024-25 की पहली तिमाही के दौरान भारतीय बाजार में पैसेंजर व्हीकल की अपेक्षा से कम डिमांड की वजह से डीलर इन्वेंट्री का मैनेजमेंट करने के लिए अपने प्रोडक्शन को संशोधित कर रही है. इसका ऐलान सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) ने की.
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक कॉन्फ्रेंस कॉल में SMC ने एनलिस्ट्स से कहा कि हम मौजूदा समय में मार्केट में स्टॉक कम करने के लिए प्रोडक्शन को एडजस्ट कर रहे हैं. साथ ही डिमांड के रुझान पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. जबकि आगे फेस्टिव सीजन के साथ भारत एक अहम दौर से गुजर रहा है. इसलिए हम डिमांड के ट्रेंड पर बारीकी से नजर रखेंगे.

प्रोडक्शन और सेल्स में बैलेंस बिगड़ा
2024-25 की जून तिमाही में मारुति सुजुकी का प्रोडक्शन सालाना आधार पर 7.4% बढ़कर 496,000 यूनिट्स हो गया. हालांकि, बिक्री में केवल 1.2% की ग्रोथ हुई, जो 427,000 यूनिट तक पहुंच गई. इससे डिमांड और सप्लाई का बैलेंस बिगड़ गया है. नतीजतन, भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में कारों की बिक्री में धीमेपन की चिंता पैदा हो गई है.
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने हाल के महीनों में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को दो पत्र लिखकर इस मुद्दे को उजागर किया है. साथ ही डीलर्स के बढ़ते स्टॉक के बारे में अलर्ट भी किया है.
इन्वेंटरी से जुड़ी चिंताएं
FADA के के मुताबिक इसके सदस्यों के पास करीब 730,000 बिना बिके व्हीकल हैं, जो 2 महीने से ज्यादा की बिक्री को कवर करने के लिए पर्याप्त हैं. इसके उलट सियाम का अनुमान है कि यह आंकड़ा 400,000 यूनिट्स के करीब है.
SMC ने बताया कि घरेलू मार्केट में आमतौर पर पहली तिमाही में बाकी साल की तुलना में थोड़ी मंदी रहती है. लेकिन इस साल (मांग) अपेक्षा से कम रही है. इसकी वजह खासकर लोकसभा चुनाव और भारी बारिश और हीटवेट जैसे अन्य शामिल हैं.
आगे है फेस्टिव सीजन
अगस्त के अंत में शुरू होने वाले फेस्टिव सीजन से मांग में तेजी आने की उम्मीद है. SMC ने कहा कि इस साल फेस्टिव सीजन अगस्त के अंत में शुरू हो रहा है, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा पहले है. ऐसे में डिमांड जितनी ज्यादा होगी, पूरी अवधि के लिए वॉल्यूम भी उतना ही बड़ा होगा. चूंकि इन्वेंट्री में काफी बढ़ी हुई है, इसलिए उसके अनुसार एडजस्ट किया जा रहा है. कंपनी इस अहम पीरियड के लिए तैयारी करते हुए बाजार के ट्रेंड पर कड़ी नज़र रख रही है.
यह फैसला 2024-25 की शुरुआत में भारत में पैसेंजर व्हीकल्स की उम्मीद से कमजोर डिमांड को लेकर चिंताओं के बीच लिया गया है. इसकी वजह से मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) को अपने प्रोडक्शन लेवल को तदनुसार एडजस्ट करना पड़ा है. नई दिल्ली बेस्ड कंपनी इन चुनौतीपूर्ण समय में डिमांड के ट्रेंड पर बारीकी से नजर रख रही है. इस स्ट्रैटेजिक कदम का उद्देश्य फेस्टिव सीजन के दौरान संभावित ग्रोथ की तैयारी करते हुए रियल मार्केट डिमांड के साथ प्रोडक्शन को बैलेंस करना है.
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