नई दिल्ली, मई 21। भारत में कारों की शुरुआती कीमत 3.20 लाख रु के आस-पास है। यदि आप पुरानी कार खरीदें तो आपको भारत में कारें और सस्ते में मिल जाएंगी। पर एक पुरानी कार हाल ही में 1000 करोड़ रु से भी अधिक में बिकी है। ये कार काफी पुरानी है। पर इसका पुराना होना ही इसकी खासियत बन गया कि इसके लिए नीलामी का आयोजन करना पड़ा। जानते हैं इस कार की डिटेल।
1100 करोड़ रुपये की कार
कनाडा की नीलामी कंपनी आरएम सोथबी ने बीते गुरुवार को ऐलान किया कि 1955 की मर्सिडीज-बेंज इस महीने की शुरुआत में हुई एक नीलामी में रिकॉर्ड 1100 करोड़ रुपये (143 मिलियन डॉलर) में बिकी, जिससे यह दुनिया की अब तक की सबसे अधिक कीमत पर बिकने वाली कार बन गयी। सोथबीज ने एक बयान में कहा कि 1955 की मर्सिडीज-बेंज 300 एसएलआर उहलेनहॉट कूपे को नीलामी में एक निजी कलेक्टर को 135,000,000 यूरो की रिकॉर्ड कीमत पर बेचा गया है।
बन गया बड़ा रिकॉर्ड
ये बिक्री हर तरह से एक बड़ी नीलामी है। असल में इससे पिछले रिकॉर्ड में सबसे महंगी कार 95 मिलियन डॉलर से अधिक में बिकी थी। पिछली बार 70 मिलियन डॉलर में प्राइवेटली बेची गयी एक कार की कीमत से इसकी कीमत रिकॉर्ड दोगुनी से अधिक है।
गुप्त रही बोली
ब्रिटिश कार कलेक्टर साइमन किडसन ने एक अनाम ग्राहक की ओर से विजयी बोली लगाई, जिसे गुप्त और उल्लेखनीय असामान्य नीलामी कहा जा रहा है। रिकॉर्ड बिक्री 5 मई को जर्मनी के स्टटगार्ट में मर्सिडीज-बेंज संग्रहालय में एक गुप्त नीलामी के दौरान की गई थी। मर्सिडीज-बेंज के अध्यक्ष ओला कैलेनियस ने इसकी पुष्टि की।
ऐसी केवल दो कारें
अत्यंत दुर्लभ तीर के आकार की कूपे अपनी तरह के अब तक बनाए गए केवल दो मॉडलों में से एक है और अब तक इसकी प्राइवेट ओनरशिप कभी नहीं रही। एक जानकार के अनुसार किसी ने कभी नहीं सोचा था कि मर्सिडीज इसे बेच देगी।
खरीदार का नाम नहीं आया सामने
मर्सिडीज ने खरीदार का नाम लेने से इंकार कर दिया। वहीं अनुमान लगाने वाले लिस्ट में एक दर्जन संभावित बोलीदाताओं के नामों पर अनुमान लगा रहे हैं।
मर्सिडीज बेंज
मर्सिडीज-बेंज, जिसे आमतौर पर मर्सिडीज कहा जाता है, एक जर्मन लक्जरी ऑटोमोटिव ब्रांड है। मर्सिडीज-बेंज और मर्सिडीज-बेंज एजी (2019 में स्थापित एक मर्सिडीज-बेंज समूह की सहायक कंपनी) दोनों का मुख्यालय स्टटगार्ट, बाडेन-वुर्टेमबर्ग, जर्मनी में है। मर्सिडीज-बेंज कंज्यूमर लक्जरी वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों का उत्पादन करती है। इसके पहले मर्सिडीज-बेंज-बैज वाले वाहनों का उत्पादन 1926 में किया गया था। कंपनी की शुरुआत डेमलर-मोटरन-गेसेलशाफ्ट की 1901 मर्सिडीज और कार्ल बेंज की 1886 बेंज पेटेंट-मोटरवेगन के माध्यम से हुई, जिसे व्यापक रूप से स्व-चालित ऑटोमोबाइल में पहला इंटरनल कंबस्शन इंजन माना जाता है। मर्सिडीज-बेंज कंज्यूमर-पैसेंजर, हल्के वाणिज्यिक और भारी वाणिज्यिक उपकरणों की एक बड़ी रेंज ऑफर करती है। ये वाहन दुनिया भर के कई देशों में निर्मित होते हैं। कंपनी वर्तमान में तीन प्रकार की वैन प्रदान करती है; सिटन, वीटो और स्प्रिंटर। ये सभी डेमलर एजी द्वारा निर्मित हैं। दिसंबर 2021 से, मर्सिडीज-बेंज ट्रक डिवीजन डेमलर ट्रक कंपनी का हिस्सा है और इसमें अन्य उप-कंपनियां शामिल हैं जो डेमलर क्रिसलर विलय का हिस्सा थीं।
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