वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने अपने नए नाम वोडाफोन आइडिया (वीआई) का एलान कर दिया है। टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया अब नए नाम से जानी जाएगी।
नई दिल्ली: वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने अपने नए नाम वोडाफोन आइडिया (वीआई) का एलान कर दिया है। टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया अब नए नाम से जानी जाएगी। जी हां कर्ज के संकट से जूझ रही टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया ने सोमवार को कंपनी के रिब्रांडिंग की घोषणा की है। कंपनी अब नए ब्रांड नेम Vi से जानी जाएगी। बता दें कि जिसमें V यानी वोडाफोन और i का मतलब आइडिया से है। कंपनी की ओर से जारी बयान में दोनों ब्रांड के इंटीग्रेशन का टेलीकॉम जगत का सबसे बड़ा एकीकरण करार दिया गया है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने इस मौके पर आगे दूसरी टेलिकॉम कंपनियों से प्रतियोगिता में बने रहने के लिए टैरिफ बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं।

2 साल पहले हुआ था वोडाफोन आइडिया का मर्जर
वोडा आइडिया के सीईओ रविंदर टक्कर ने नए ब्रांड को लांच करते हुए कहा कि वोडाफोन आइडिया का मर्जर 2 साल पहले हुआ था। हम तबसे दो बड़े नेटवर्क, हमारे लोगों और प्रोसेस के एकीकरण की दिशा में काम कर रहे थे। वहीं उन्होंने कहा कि कंपनी टैरिफ में बढ़ोतरी के लिए तैयार है। नए टैरिफ से कंपनी को एआरपीयू सुधारने में मदद मिलेगी। यह अभी 114 रुपये है जबकि एयरटेल और जियो का एपीआरयू क्रमशः 157 रुपये और 140 रुपये है।
करीब 50 हजार करोड़ का बकाया
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि 1990 के दशक के मध्य से अपने कई अवतारों में वोडाफोन और आइडिया ने अलग-अलग रहकर इस सेक्टर की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। वोडाफोन और आइडिया ने नेटवर्क एक्सपीरियंस, रूरल कनेक्टिविटी, कस्टमर सर्विस और एंटरप्राइज मोबिलिटी सॉल्यूशंस में नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं। बिड़ला ने आगे कहा कि 90 के दशक के मध्य से ही वोडाफोन और आइडिया दोनों ने विभिन्न अवतारों में सेक्टर के विकास को गति दी है। हम डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं और इसको गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मालूम हो कि अभी वोडाफोन आइडिया संकट के दौर से गुजर रही है। हालांकि, एजीआर बकाया को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कंपनी को राहत मिली थी। कंपनियां अब 10 साल में अपना एजीआर बकाया चुका सकती है। लेकिन वोडाफोन आइडिया कुछ और समय चाह रही थीं। आइडिया को एजीआर का करीब 50 हजार करोड़ का बकाया जमा करना है।
25000 करोड़ रु जुटाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
इसके पहले कंपनी के बोर्ड ने इक्विटी शेयर जारी करके या ग्लोबड डिपोजिटरी रिसीट, अमेरिकन डिपोजिटरी रिसीट, फॉरेन करेंसी बॉन्ड्स, कंवर्टिबल डिबेंचर्स के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी थी। इससे नकदी संकट में फंसी वीआईएल को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। जियो के आने के बाद से कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या में लगातार कमी आ रही है। इसके साथ ही इसके एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) में भी कमी आई है। वहीं कंपनी के आज के एलान पर शेयर बाजार की भी नजर है। आज के कारोबार में वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 10 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।
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