नयी दिल्ली। विप्रो की गिनती भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में होती है। विप्रो एक भारतीय मल्टी-नेशनल कंपनी है जो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कंसल्टेंसी और बिजनेस प्रोसेस सेवाएं देती है। इसका हेडक्वार्टर बैंगलोर, कर्नाटक में है। टीसीएस और इंफोसिस के बाद भारत में आईटी सेक्टर में जिस कंपनी का नाम आता है वो विप्रो ही है। अब विप्रो लाई है एक तगड़ी कमाई का मौका। आप विप्रो के शेयर से तगड़ी कमाई कर सकते हैं। शेयरों से पैसा कमाने का फंडा सिम्पल है। कम रेट पर खरीदिए और ज्यादा पर बेच दीजिए। मगर अब ये मौका कंपनी खुद दे रही है। विप्रो अपने शेयरधारकों से खुद शेयर खरीदेगी। यानी आप मौजूदा रेट पर शेयर खरीद कर कंपनी को बेच सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कैसे होगा।
विप्रो करेगी बायबैक
दरअसल विप्रो ने शेयर बायबैक का फैसला लिया है। बायबैक में कंपनी अपने ही शेयरों को शेयरधारकों से वापस खरीदती है। कंपनियां जब भी बायबैक का ऐलान करती हैं तो शेयर के मौजूदा रेट से ज्यादा पर शेयरों की खरीदारी करती हैं, जिससे उसके शेयरधारकों को गारंटीड फायदा होता है। विप्रो भी एक ऐसा ही खास मौका लेकर आई है। आइए जानते हैं विप्रो के बायबैक की डिटेल।
वापस खरीदेगी 23.75 करोड़ शेयर
विप्रो ने मंगलवार को कहा कि इसके शेयरधारकों ने 9,500 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक प्लान को मंजूरी दे दी है। विप्रो के निदेशक मंडल ने पिछले महीने 400 रुपये प्रति शेयर पर 23.75 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदने के लिए 9,500 करोड़ रुपये तक की राशि के बायबैक ऑफर को मंजूरी दी थी। यानी कंपनी हर शेयर को 400 रु की कीमत पर वापस खरीदेगी।
कितना होगा मुनाफा
विप्रो का शेयर बीएसई में करीब 345 रु के भाव पर है, जबकि बायबैक भाव 400 रु है। यानी आपको हर शेयर पर करीब 55 रु का प्रोफिट होगा। पर इतना मुनाफा कमाने के लिए आपको अभी इसके शेयर खरीदने होंगे। प्रमोटरों की तरफ से बायबैक प्रस्ताव के पक्ष में 100 फीसदी मतदान हुआ, जबकि सार्वजनिक संस्थागत शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में 98.73 प्रतिशत और सार्वजनिक गैर-संस्थागत शेयरधारकों ने 98.49 प्रतिशत फीसदी मतदान किया। विप्रो की प्रतिद्वंद्वी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने भी 3,000 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर 16,000 करोड़ रुपये के मेगा बायबैक प्लान का प्रस्ताव रखा है।
5 लाख रु पर 70 हजार रु का मुनाफा
विप्रो के मौजूदा शेयर भाव के आधार पर यदि आप 5 लाख रु के शेयर खरीदें तो आपको मिलने वाला मुनाफा करीब 70 हजार रु होगा। अच्छी बात ये है कि इसमें ज्यादा दिन लगेंगे। इस लिहाज से ये कोई बुरा सौदा नहीं है। कोई कंपनी कई वजहों से शेयर बायबैक करती है। इनमें बैलेंस शीट में ज्यादा कैश होना है। किसी कंपनी के पास ज्यादा कैश होना अच्छा नहीं होता। इसका मतलब होता है कि वो कैश का इस्तेमाल नहीं कर पा रही। कंपनी बायबैक के जरिए अपने शेयर की कीमत को अंडरवैल्यूड होने पर बढ़ाने की कोशिश करती है।
पिछले साल भी किया था बायबैक
विप्रो पिछले साल भी बायबैक इश्यू लेकर आई थी। तब इसने 325 रु प्रति शेयर के हिसाब से 32.31 करोड़ शेयर वापस खरीदे थे। इसके लिए कंपनी को करीब 10,500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे। विप्रो ने इससे पहले 2017 में 11,000 करोड़ रुपये और वर्ष 2016 में 2,500 करोड़ रुपये के बायबैक की घोषणा की थी।
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