यदि आप म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों के बारे में स्पष्ट विचार करना चाहिए जैसे आपके निवेश का उद्देश्य, ज़ोखिम सहन करने का स्तर, परिसंपत्ति विनियोजन, समय सीमा, म्यूचुअल फंड के प्रकार, कर निहितार्थ आदि। यहाँ कुछ बातों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

उद्देश्य: आपको अपने पोर्टफोलियो में अपने निवेश के उद्देश्य के अनुसार सही प्रकार के फंड का चुनाव करना चाहिए। यदि आप भविष्य में अपने बच्चे की शिक्षा के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको इक्विटी फंड्स में निवेश करना चाहिए। अगर आप सेवानिवृत्त हैं और आप नियमित आय चाहते हैं तो सेवानिवृत्ति के बाद आपको जो राशि मिलती है उसे मंथली इनकम प्लान (एमआईपी) में निवेश करना चाहिए। अत: आपको कहाँ निवेश करना है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका निवेश करने के पीछे क्या उद्देश्य है।
ज़ोखिम सहनशीलता स्तर
कुछ फंड्स में अधिक ज़ोखिम होता है तथा कुछ में कम। अत: म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने से पहले यह जानना बहुत आवश्यक है कि आपका ज़ोखिम सहनशीलता का स्तर क्या है। इसका अर्थ यह है कि बाज़ार में होने वाले उतार चढ़ावों को आप किस स्तर तक सहन कर सकते हैं। तो यह बात आपको तय करना है कि आप खतरा उठा सकते हैं या नहीं या ज़ोखिम में तटस्थ रह सकते हैं।
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परिसंपत्ति विनियोजन
परिसंपत्ति विनियोजन एक अन्य बड़ा पहलू है। ज़ोखिम सहनशीलता के स्तर तथा निवेश के उद्देश्य के बाद आपको परिसंपत्ति विनियोजन प्रारंभ करना चाहिए - निवेश की संपत्ति। उदाहरण के लिए यदि आप ज़ोखिम उठाना पसंद करते हैं तो आप अधिक निवेश कर सकते हैं तथा यदि आप ज़ोखिम नहीं उठाना चाहते तो आप रुढ़िवादी (परिवर्तन विरोधी) शेयरों जैसे बैलेंस्ड फंड तथा लार्ज कैप फंड्स में निवेश कर सकते हैं।
समय सीमा
एक अन्य विचार करने योग्य बात यह है कि आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। यदि आपके पास निवेश के लिए अधिक राशि है तथा इसे आप 6 से 7 वर्ष के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपको इनकम फंड्स के बजाय इक्विटी फंड्स में निवेश करना चाहिए तथा अपनी संपत्ति को बढ़ने का मौका देना चाहिए।
म्यूचुअल फंड्स के प्रकार
म्यूचुअल फंड्स की विभिन्न श्रेणियों के बारे में जानना प्रत्येक निवेशकर्ता की आधारभूत आवश्यकता है। बैलेंस्ड फंड्स- ये डेबिट और इक्विटी दोनों के संकर है अत: इनमें ज़ोखिम कम होता है, लार्ज कैप फंड्स - बाज़ार पूंजीकरण के सन्दर्भ में शीर्ष 50 से 60 कंपनियों के विविध पोर्टफोलियो, इंडेक्स फंड्स - फंड के वज़न के अनुपात में शेयर, टैक्स सेविंग फंड्स (टैक्स की बचत करने वाले फंड), मंथली इनकम प्लान (एम आई पी) आदि।
कर निहितार्थ
यदि आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करके मुनाफ़ा कमाते हैं तो आपको कर चुकाना होता है। आपको म्यूचुअल फंड्स में किये जाने वाले निवेश पर निहितार्थ कर मालूम होना चाहिए।
निष्कर्ष: सबसे महत्वपूर्ण बात जो आपको याद रखनी चाहिए वह यह है कि आपको समय का ज्ञान होना आवश्यक है अर्थात कब प्रवेश करना है तथा कब बाहर निकलना है। आपको फंड पर किये जाने वाले खर्चे के अनुपात के बारे में जानना चाहिए तथा फंड मैनेजर पर और व्यापार चक्र के दौरान फंड के प्रदर्शन पर भी ध्यान रखना चाहिए।
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