हेल्थ पॉलिसी बेचने के लिए बीमा कंपनी और बैंक में करार होता है। क्योंकि इसके बदले बैंक के स्टाफ को कमीशन भी मिलता है। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए कौन सा बेहतर विकल्प है।
हेल्थ पॉलिसी बेचने के लिए बीमा कंपनी और बैंक में करार होता है। क्योंकि इसके बदले बैंक के स्टाफ को कमीशन भी मिलता है। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए कौन सा बेहतर विकल्प है।
अगर आप मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदना चाहता हैं तो उसके लिए आपको कुछ प्लान को समझना होगा। सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आप मेडिक्लेम सीधे बीमा कंपनी से खरीदना चाहिए या बैंक से?
स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ही बेहतर
आपको बता दें कि माय मनी मंत्रा.कॉम के संस्थापक राज खोसला ने की माने तो उनका कहना हैं कि "बीमा नियामक इरडा ने अब इंश्योरेंस कंपनियों को बीमा पॉलिसी की सीमा 65 साल तक करने के निर्देश दिए हैं। इस हिसाब से आपको स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ही खरीदना चाहिए। वहीं खोसला ने कहा कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर आप किसी महानगर में रहती हैं तो आपको कम से कम 10 लाख रुपये का कवर लेना चाहिए। बता दें कि इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आएगी। इसके साथ ही नई पॉलिसी खरीदने में इस बात का ध्यान रखें कि इसमें पुरानी बीमारियों का भी आपको कवरेज मिल सके।
कम से कम अतिरिक्त रकम को-पेमेंट चुकाने हो
ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनें जिसमें आपको इलाज के दौरान कम से कम अतिरिक्त रकम को-पेमेंट चुकाने की जरूरत पड़े। हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में रूम रेंट की कोई सीमा नहीं हो। इसके साथ ही हेल्थ प्लान खरीदने के लिए उस कंपनी को चुनें जिसका सेटलमेंट रेट 90% से अधिक हो।
सभी बीमा कंपनियां अपनी वेबसाइट पर सेटलमेंट रेट के बारे में जानकारी देती हैं। हेल्थ पॉलिसी खरीदने के लिए आप बैंक, बीमा कंपनी, एग्रीगेटर की साईट या थर्ड पार्टी डिस्ट्रीब्यूटर किसी को भी चुन सकते हैं।
प्रोपोजल फॉर्म भरने के दौरान सावधानी बरते
पॉलिसी खरीदने के बाद बीमा कंपनी आपको एक प्रोपोजल फॉर्म भेजती हैं। इसे भरने में अतिरिक्त सावधानी बरतें। आपको इसमें सभी जानकारी और पहले से मौजूद बीमारी की भी सही जानकारी भरनी है। अगर आपने प्रोपोजल फॉर्म में सही जानकारी नहीं दी तो किसी बीमारी की स्थिति में आपका दावा खारिज किया जा सकता है।
मेडिकल इंश्योरेंस खरीदने से पहले इन मुद्दों पर भी गौर करें
1. कैशलेस इंश्योरेंस से आपको सुकून जरूर मिलता है, लेकिन याद रहे कि वो भी इंश्योरेंस के नेटवर्क वाले अस्पताल में इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
2. अस्पताल में दाखिल होने की सूरत में रोजाना खर्च की शर्तें जांच लें।
3. इंश्योरेंस कंपनियां 100 फीसदी कैशलेस की सुविधा वाले प्लान मुहैया नहीं कराती हैं।
4. पॉलिसी खरीदने से पहले प्रीमियम की रकम का आकलन जान लें।
5. पॉलिसी में कैशलेस लेनदेन की सुविधा है या नहीं इसकी जांच करें। कई बार ऐसा होता है कि इंश्योरेंस कंपनियां कैशलेस सुविधाएं देने से मुंह मोड़ लेती हैं।
6. अपने पॉलिसी में किन बीमारियों का इलाज समावेश नहीं किया गया है और इलाज के खर्च की सीमा को अच्छी तरह से जांच लें। इसी सेक्शन से ज्ञात होता है कि आपको क्या हासिल होगा या नहीं होने वाला है
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications