नयी दिल्ली। अगर आप एफडी में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। इस समय एफडी की ब्याज दरें कम हैं, इसलिए आपको गारंटीड रिटर्न वाले अन्य विकल्पों की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। आरबीआई बॉन्ड एक बढ़िया निवेश ऑप्शन है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी-जून की छमाही के लिए आरबीआई बॉन्ड के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। आइए जानते हैं कितना मिलेगा ब्याज।
नहीं हुआ कोई बदलाव
केंद्र सरकार ने 2021 की जनवरी-जून छमाही के लिए आरबीआई बॉन्ड पर ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला किया है। इस छमाही के लिए भी आरबीआई बॉन्ड पर 7.15 फीसदी की ब्याज दर बरकरार रहेगी। अगर एफडी से तुलना करें तो कुछ सरकारी और प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरों के मुकाबले आरबीआई बॉन्ड्स पर ब्याज दर 1 फीसदी तक अधिक है। अगर आपका इरादा आरबीआई बॉन्ड्स में निवेश का है तो ध्यान रहे कि सरकार हर छमाही में इन पर मिलने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। यानी इन पर हर 6 महीनों में ब्याज दरें बदल सकती हैं। मगर फिलहाल मौजूदा छमाही के लिए ऐसा नहीं किया गया है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट से लिंक होते हैं आरबीआई बॉन्ड्स
अधिकतर बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों में एफडी पर 4 से 6 फीसदी तक की ब्याज दर मिल रही है। मगर आरबीआई बॉन्ड पर आपको 7.15 फीसदी ब्याज दर मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये बॉन्ड नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) से लिंक्ड होते हैं। इन पर एनएससी के मुकाबले 0.35 फीसदी अधिक ब्याज मिलता है। एनएससी पर 6.80 फीसदी ब्याज बरकरार रखा गया है। इसी हिसाब से आरबीआई बॉन्ड पर 7.15 फीसदी ब्याज मिलेगा।
कब मिलता है ब्याज
हर साल इन आरबीआई बॉन्ड्स पर जनवरी और जुलाई के पहले दिन ब्याज दिया जाता है। इन्हें आप एसबीआई सहित आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे प्राइवेट क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं से भी खरीदा सकते हैं। आरबीआई बॉन्ड में निवेश की न्यूनतम राशि 1000 रुपये है। अधिकतम आप जितना चाहे उतना निवेश कर सकते हैं।
कौन कर सकता है निवेश
बता दें कि हर भारतीय नागरिक या हिंदू अविभाजित परिवार इनमें निवेश कर सकता है। वहीं आप अभिभावक के तौर पर किसी नाबालिग के नाम से भी बॉन्ड्स खरीद सकते हैं। इनमें संयुक्त तौर पर भी निवेश किया जा सकता है। बॉन्ड में निवेश के लिए लॉक-इन पीरियड 7 साल का होता है। इस दौरान आप पैसा नहीं निकाल सकते। विदेश में रह रहे भारतीय मूल के लोग या एनआरआई को इन बॉन्ड्स में निवेश की अनुमति नहीं है।
लगता है टैक्स
इन बॉन्ड्स की ब्याज दर बदलती रहती है, इसलिए इन्हें फ्लोटिंग रेट बॉन्ड भी कहा जाता है। बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। आपकी आय या अन्य आय के हिस्से के रूप में काउंट किया जाएगा और उसी टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। फ्लोटिंग रेट सेविंग बॉन्ड्स 2020 टैक्सेबल स्कीम को भारत सरकार ने 26 जून 2020 में शुरू किया था। इन बॉन्ड्स ने 7.75 प्रतिशत वाले टैक्सेबल सेविंग्स बॉन्ड्स की जगह ली थी। उन्हें 28 मई 2020 से बंद कर दिया गया।
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