नई दिल्ली, मार्च 9। आप अपने पैसे को बाजार से जुड़े फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स (जैसे एफडी, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड, शेयर और रियल एस्टेट) में निवेश करने के आदी हो सकते हैं। जब आपका निवेश किसी खास उद्देश्य से जुड़ा नहीं होता, तो ये काफी अनियमित हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि आपके पास समय की एक निर्धारित अवधि नहीं होती कि आपको कब तक निवेश करना है। कोई मकसद नहीं होता, जिसे हासिल करने के लिए आप निवेश कर रहे हैं। इसलिए यदि आप लक्ष्य आधारित निवेश करें यानी आपका टार्गेट पहले से सेट हो और इसमें अस्थिरता को कम किया जा सकता है। पर सवाल यह है कि लक्ष्य आधारित निवेश है क्या। आगे जानिए पूरी डिटेल।
लक्ष्य आधारित निवेश क्या है
किसी खास उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए निवेश करना लक्ष्य-आधारित निवेश होगा। आपकी कई महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं। इनमें घर खरीदने से लेकर वर्ल्ड टूर करने तक और बिजनेस करने से लेकर अपनी शादी के लिए भुगतान करने तक कुछ भी हो सकता है। सलाह भी यह दी जाती है कि दो लक्ष्यों के लिए निवेश प्लानिंग बिल्कुल अलग करें।
मिलता है रास्ता
लक्ष्य-आधारित निवेश आपको अपने सपनों को साकार करने के लिए एक योजना और रास्ता प्रदान करता है। लक्ष्य-आधारित निवेश में आपके वित्तीय उद्देश्यों को निर्धारित करना, हर लक्ष्य के लिए एक शेड्यूल स्थापित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगातार निवेश करना शामिल है। नतीजतन आप अपने सभी सपनों और वित्तीय उद्देश्यों के लिए एक रूपरेखा तैयार कर सकते हैं।
मिलते हैं कई फायदे :
पोर्टफोलियो रीबैलेंस और एसेट प्रबंधन
जब आपकी सभी एसेट्ट आपके वित्तीय लक्ष्यों से जुड़ी हों, तो आप उचित समय पर अपने पोर्टफोलियो की जांच और रीबैलेंस करने में सक्षम होंगे। इससे आपको बेस्ट एसेट आवंटन योजना चुनने की भी सुविधा मिलेगी। यदि आपके पास अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग संपत्तियां हैं, तो आप प्रभावी ढंग से अपनी संपत्ति (एसेट) का प्रबंधन कर सकते हैं। आप अपनी निवेश योजना ठीक से बना सकते हैं जब आप जानते हों कि आपको एक लक्ष्य के लिए कितने पैसे की आवश्यकता होगी और आपको इसके लिए कितना समय बचाना होगा।
गोल प्राप्त करने के लिए सिस्टम
अलग-अलग निवेश आपको प्रत्येक लक्ष्य को व्यवस्थित रूप से प्राप्त करने में मदद करेगा। इसके नतीजे में आप प्रत्येक उद्देश्य के लिए निवेश की जाने वाली राशि को तय करने में सक्षम होंगे। एक और बात कि यदि आप स्पष्ट रूप से अपने लक्ष्यों की पहचान नहीं करते हैं और उनमें निवेश नहीं करते हैं, तो समय आने पर आपके पैसे खत्म होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में आपको कर्ज लेना पड़ सकता है। पर यदि लक्ष्य और निवेश योजना पहले से तय हो तो इससे बचा जा सकता है।
उद्देश्य प्रेरित और ट्रैक
जब आप लक्ष्य-आधारित निवेश करते हैं, तो आप उन लक्ष्यों की एक लिस्ट बनाएँगे जिन्हें आप प्राप्त करना चाहते हैं। आप ये भी जानना चाहेंगे कि आपको कितने धन की आवश्यकता होगी। और, जब आप ऐसा करते हैं, तो आप उस लक्ष्य तक पहुँचने की लागत के बारे में सोचेंगे। इससे आपके लक्ष्य तक का रास्ता क्लियर दिखेगा। दूसरी बात कि उद्देश्यों के बिना निवेश करना एक अच्छा कदम नीं है। यदि आपके पास प्रत्येक उद्देश्य के लिए एक अलग निवेश है, तो अपनी प्रोग्रेस को ट्रैक करना आसान होगा।
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